वहीं, मेले को आकर्षक रूप देने के लिए सजावट का कार्य जोरों पर चल रहा है। परिसर को पारंपरिक शिल्प, सजावटी वस्तुओं और रोशनी से सजाया जा रहा है, ताकि आगंतुकों को एक यादगार अनुभव मिल सके। आयोजकों के अनुसार, इस बार भी मेले में अन्य देशों के संगीत और नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। सूरजकुंड मेला न केवल शिल्प और कला का उत्सव है, बल्कि यह विभिन्न संस्कृतियों के बीच आपसी समझ और संवाद को भी मजबूत करता है। विदेशी कलाकारों की भागीदारी से यह मेला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक आदान-प्रदान का सशक्त मंच बनकर उभरेगा।
फरीदाबाद: मेले में देश-विदेश से कलाकार और शिल्पकार पहुंचेंगे, जो अपनी अनूठी कला, संस्कृति और परंपराओं का प्रदर्शन करेंगे
वहीं, मेले को आकर्षक रूप देने के लिए सजावट का कार्य जोरों पर चल रहा है। परिसर को पारंपरिक शिल्प, सजावटी वस्तुओं और रोशनी से सजाया जा रहा है, ताकि आगंतुकों को एक यादगार अनुभव मिल सके। आयोजकों के अनुसार, इस बार भी मेले में अन्य देशों के संगीत और नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। सूरजकुंड मेला न केवल शिल्प और कला का उत्सव है, बल्कि यह विभिन्न संस्कृतियों के बीच आपसी समझ और संवाद को भी मजबूत करता है। विदेशी कलाकारों की भागीदारी से यह मेला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक आदान-प्रदान का सशक्त मंच बनकर उभरेगा।

