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गुरुग्राम: पुराने कपड़ों से बनाए जा रहे आकर्षक पोटली बैग व आई मास्क

जिले की एक निजी संस्था ने कचरा प्रबंधन और महिला सशक्तिकरण के लिए दो शानदार पहल शुरू की हैं। प्रोजेक्ट संयोजिका नमृता चौधरी के नेतृत्व में ये प्रयास न केवल पर्यावरण बचा रहे हैं, बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र भी बना रहे हैं।

कपड़ा रिसाइकिलिंग बना रहे तौलिये
पुराने कपड़ों को लैंडफिल में जाने से बचाने के लिए उन्हें एकत्र कर रंग और गुणवत्ता के आधार पर अलग किया जाता है। इनके रेशों से री-स्पन तकनीक द्वारा नए तौलिये और चादरें तैयार की जाती हैं। यह वैज्ञानिक तरीका कचरा कम करने में सहायक है।
रोजगार से जुड़ रहीं महिलाएं
बंधवाड़ी गांव की महिलाएं पुराने कपड़ों से इको-फ्रेंडली उत्पाद जैसे लैपटॉप स्लीव, ज्वेलरी ऑर्गनाइजर, पोटली बैग और आई-मास्क तैयार कर रही हैं। इन उत्पादों को ऑनलाइन बेचकर होने वाली आय सीधे इन महिलाओं को मिलती है। वर्ष 2026 में, वेस्ट टू वेल्थ का यह मॉडल पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक कल्याण का एक बेहतरीन उदाहरण पेश कर रहा है। संस्था के माध्यम से महिलाएं अब तकनीकी और आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )

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