प्राधिकरण के अफसरों ने नोएडा एयरपोर्ट से लेकर फिल्म सिटी समेत बड़ी परियोजनाओं की जानकारी दी। जिस पर प्रतिनिधिमंडल ने अपने वहां मॉडल की खासियत को लागू करने की बात कही है। यमुना प्राधिकरण के अफसरों ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया, विभिन्न विभागों के साथ समन्वय और सभी स्टेकहोल्डरों की भूमिका पर चर्चा की। यमुना प्राधिकरण के सीईओ आरके सिंह व एसीईओ शैलेंद्र भाटिया ने यमुना सिटी के विकास मॉडल की पूरी जानकारी दी। यहां बन रहे देश के सबसे बड़े इंटरनेशनल एयरपोर्ट, उत्तर भारत के पहले मेडिकल डिवाइस पार्क, सेमीकंडक्टर यूनिट व अन्य बड़े प्रोजेक्टों के बारे में बताया।प्रतिनिधिमंडल ने यमुना सिटी का दौरा कर मौके पर परियोजनाओं का निरीक्षण भी किया। बतादें कि तेलंगाना की फ्यूचर सिटी डेवलपमेंट अथॉरिटी करीब 30,000 एकड़ में एक अत्याधुनिक, सस्टेनेबल और नेट-जीरो स्मार्ट शहर विकसित करेगी। इसी मकसद से इसका गठन किया गया है। इसमें 7 मंडल और 56 गांवों को शामिल किया गया है।
ग्रेटर नोएडा: प्राधिकरण के अफसरों ने नोएडा एयरपोर्ट से लेकर फिल्म सिटी समेत बड़ी परियोजनाओं की दी
प्राधिकरण के अफसरों ने नोएडा एयरपोर्ट से लेकर फिल्म सिटी समेत बड़ी परियोजनाओं की जानकारी दी। जिस पर प्रतिनिधिमंडल ने अपने वहां मॉडल की खासियत को लागू करने की बात कही है। यमुना प्राधिकरण के अफसरों ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया, विभिन्न विभागों के साथ समन्वय और सभी स्टेकहोल्डरों की भूमिका पर चर्चा की। यमुना प्राधिकरण के सीईओ आरके सिंह व एसीईओ शैलेंद्र भाटिया ने यमुना सिटी के विकास मॉडल की पूरी जानकारी दी। यहां बन रहे देश के सबसे बड़े इंटरनेशनल एयरपोर्ट, उत्तर भारत के पहले मेडिकल डिवाइस पार्क, सेमीकंडक्टर यूनिट व अन्य बड़े प्रोजेक्टों के बारे में बताया।प्रतिनिधिमंडल ने यमुना सिटी का दौरा कर मौके पर परियोजनाओं का निरीक्षण भी किया। बतादें कि तेलंगाना की फ्यूचर सिटी डेवलपमेंट अथॉरिटी करीब 30,000 एकड़ में एक अत्याधुनिक, सस्टेनेबल और नेट-जीरो स्मार्ट शहर विकसित करेगी। इसी मकसद से इसका गठन किया गया है। इसमें 7 मंडल और 56 गांवों को शामिल किया गया है।

