त्योहारी सीजन में राजधानी के ऑटो सेक्टर ने रफ्तार पकड़ ली है। इस बार धनतेरस से पहले राजधानी में कुल 29,095 कारों की बिक्री हुई है जिससे कुल कारोबार 3,927 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 23,450 कारें बिकी थीं और उस समय टर्नओवर 3,167 करोड़ रुपये रहा था। यानी इस बार कार बिक्री में लगभग 24 प्रतिशत की वृद्धि और टर्नओवर में करीब 760 करोड़ का इजाफा हुआ है।
दिल्ली में इस बार खरीदारों का रुझान सबसे अधिक स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) और इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) की ओर देखने को मिला है। कॉम्पैक्ट से लेकर मिड-साइज एसयूवी तक की मांग में तेजी रही है। वहीं, इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में भी वृद्धि दर्ज की गई है जो उपभोक्ताओं की बदलती सोच और पर्यावरण के प्रति बढ़ती जागरूकता का संकेत देती है।
हाइब्रिड कारों की भी लोकप्रियता बढ़ी है। इस बार कार बिक्री में बढ़ोतरी के पीछे मुख्य कारण जीएसटी दरों में राहत और त्योहारी सीजन में आकर्षक ऑफर हैं। इस बार कई ब्रांड्स ने एक्सचेंज बोनस, कैश डिस्काउंट और जीएसटी में राहत से लोगों ने नए वाहन खरीदने में रुचि दिखाई। बैंकों ने भी इस बार लो-इंटरेस्ट कार लोन की सुविधा दी जिससे मिडल-सेगमेंट खरीदारों के लिए खरीद आसान हुई।
बता दें कि 22 सितंबर को जीएसटी की संशोधित दरें लागू हुई थी। इससे छोटी कारों पर दर 28 फीसदी से घटकर 18 फीसदी होने से उनकी कीमतों में 5-10 फीसदी की कमी आई है। इलेक्ट्रिक वाहनों पर 5 फीसदी की कम दर और हाइब्रिड कारों पर लाभकारी दरों ने भी खरीदारों को आकर्षित किया है।
छोटी कारों की बढ़ी मांग
दिल्ली में लग्जरी कारों की बिक्री में इस वर्ष थोड़ी कमी देखने को मिली है जबकि छोटी और मिड-सेगमेंट कारों की बिक्री में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में एसयूवी की बढ़ती रेंज और मिड-बजट खरीदारों के लिए आकर्षक वित्तीय विकल्पों ने कार बिक्री को नई ऊंचाई दी है। सस्टेनेबल, हाई-फीचर व किफायती कारों की मांग ने बाजार को नई दिशा दी है

