कितनी जरूरी है मशीन
सडन कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में एईडी मशीन को हृदय के समीप लगाकर नियंत्रित शॉक दिया जाता है जिससे हृदय की धड़कन को दोबारा सामान्य करने में मदद मिलती है। अब बच्चों में भी अचानक हृदय गति रुकने यानी सडन कार्डियक अरेस्ट के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसी स्थिति में कुछ ही मिनटों के भीतर उपचार न मिलने पर मरीज की जान को गंभीर खतरा हो सकता है। एईडी मशीन और सीपीआर के माध्यम से दिए गए प्राथमिक उपचार से मरीज की जान बचाई जा सकती है। एईडी मशीन हृदय की धड़कन का विश्लेषण कर आवश्यक होने पर बिजली का झटका देती है, जिससे हृदय दोबारा अपनी स्वाभाविक गति से काम करने लगता है।
क्या है एईडी यह एक पोर्टेबल इलेक्ट्रॉनिक उपकरण होता है जिसे आसानी से उपयोग किया जा सकता है। अस्पताल प्रशासन की ओर से डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्टाफ को इसके इस्तेमाल का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा ताकि आपात स्थिति में बिना देरी उपचार शुरू किया जा सके।

