बांदा, 14 जनवरी — उत्तर प्रदेश की योगी सरकार बुंदेलखंड क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और चिकित्सा इकाइयों की गुणवत्ता सुधारने पर लगातार ध्यान दे रही है। इसी क्रम में बांदा जिले की 350 चिकित्सा इकाइयों का इस वर्ष कायाकल्प किया जाना है। बीते वर्ष भी जिले की कई स्वास्थ्य इकाइयों को कायाकल्प अवार्ड मिल चुका है। सरकार के निरंतर प्रयासों से जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है।
कई स्वास्थ्य इकाइयों को मिला कायाकल्प अवार्ड
बांदा जिले में कुल 350 स्वास्थ्य इकाइयां संचालित हैं, जिनमें 286 उप स्वास्थ्य केंद्र, 47 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), 7 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (UPHC) और 8 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के साथ जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल शामिल हैं। वर्ष 2025 में जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, बिसंडा पीएचसी, बबेरू सीएचसी, नरैनी सीएचसी, जसपुरा सीएचसी और अतर्रा सीएचसी को कायाकल्प अवार्ड प्रदान किया गया था। इनमें से सीएचसी जसपुरा और अतर्रा में अब ऑपरेशन के माध्यम से प्रसव की सुविधा भी उपलब्ध करा दी गई है।
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर कई चिकित्सा इकाइयों से अवैध कब्जे भी हटवाए गए हैं, ताकि वहां पर आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया जा सके।
16 इकाइयों का कायाकल्प पूरा, 46 के दस्तावेज ऑनलाइन
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजेंद्र कुमार ने बताया कि जिले में कुल 350 स्वास्थ्य इकाइयां हैं, जिनमें से 16 का कायाकल्प कार्य पूरा हो चुका है। वहीं 46 स्वास्थ्य इकाइयों के आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड कर दिए गए हैं और जल्द ही वहां भी कायाकल्प का कार्य शुरू किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्राथमिकता के तौर पर आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का कायाकल्प किया जाएगा, जहां सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) की तैनाती है। इसके लिए जिलाधिकारी ने सीडीओ और डीपीआरओ को 57 चिन्हित स्वास्थ्य इकाइयों की सूची सौंपी है, जहां बाउंड्री, सड़क, बिजली और पानी की व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएगी। शेष आवश्यक व्यवस्थाएं स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूरी की जाएंगी, ताकि इन केंद्रों पर पीएचसी स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में योगी सरकार का बड़ा कदम: बांदा जिले की 350 चिकित्सा इकाइयों का होगा कायाकल्प, कई को मिल चुका है अवार्ड

