बरेली के आंवला तहसील क्षेत्र में सामने आए विधवा पेंशन घोटाले की जांच रिपोर्ट डीएम ने एसएसपी को भेज दी है। डीएम ने एसएसपी से इस मामले में एसआईटी बनाकर विस्तृत जांच करने और उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
पिछले सप्ताह एसडीएम ने पांच महीने चली जांच के आधार पर रिपोर्ट डीएम को सौंपी थी, लेकिन डीएम ने कई बिंदुओं को अधूरा मानते हुए पुलिस स्तर पर गहराई से जांच कराने का फैसला किया।
चार नवंबर को पुलिस ने बड़ा खुलासा किया था—
- 56 सुहागिन महिलाओं ने विधवा पेंशन ली
- 2 अपात्र लोगों ने वृद्धावस्था पेंशन प्राप्त की
- कुल 1.23 करोड़ रुपये की पेंशन की रकम खातों में भेजे जाने की पुष्टि हुई
इस मामले में पुलिस पहले ही चार बिचौलियों को गिरफ्तार कर चुकी है। घोटाला सामने आने के बाद जिला प्रशासन भी सक्रिय हुआ और लंबित जांच रिपोर्ट तुरंत उपलब्ध कराने के निर्देश एसडीएम आंवला को दिए गए। एसडीएम विदुषी सिंह ने रिपोर्ट डीएम को सौंप दी थी, जिसके बाद इसे आगे कार्रवाई के लिए एसएसपी को भेज दिया गया।
एसडीएम के मुताबिक, पेंशन सत्यापन करने वाले कर्मचारियों के नाम सामने नहीं आ पाए। उन्होंने बीडीओ और जिला प्रोबेशन अधिकारी से पत्राचार भी किया, लेकिन कोई सहयोग नहीं मिला। हालांकि, जिन बिचौलियों ने सुहागिन महिलाओं के पति के नाम पर फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाए, उनके नाम रिपोर्ट में शामिल हैं।
डीएम अविनाश सिंह ने बताया कि कमिश्नर के निर्देश पर एक मामले की जांच पहले ही एसपी दक्षिणी कर चुके हैं। अब इसी क्रम में एसएसपी को निर्देश दिया गया है कि एसडीएम की रिपोर्ट के आधार पर एसआईटी गठित कर मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

