बंगला पक्ष प्रमुख गर्गा चटर्जी को मुख्य स्वतः संज्ञान मामले में न्यायालय ने जमानत दी
कोलकाता पुलिस के साइबर अपराध विभाग द्वारा दर्ज मुख्य स्वतः संज्ञान मामले में बंगला पक्ष के प्रमुख गर्गा चटर्जी को शुक्रवार को न्यायालय ने जमानत प्रदान की। यह जानकारी प्रो-बंगाली अधिकार समूह के सदस्य कौसिक मैती ने Scroll से साझा की।
गर्गा चटर्जी को 12 मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पूर्व इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) के संबंध में गलत सूचना फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। यह गिरफ्तारी चुनाव आयोग के एक अधिकारी की शिकायत के बाद साइबर अपराध शाखा द्वारा की गई।
इस मामले में दो प्राथमिकी दर्ज की गईं। पहली प्राथमिकी मैदान थाने में चुनाव अधिकारी की शिकायत के आधार पर, जबकि दूसरी साइबर अपराध विभाग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए दर्ज की।
चटर्जी पहले अन्य मामलों में जमानत पर थे, किंतु मुख्य स्वतः संज्ञान मामले में हिरासत में थे। शुक्रवार को उक्त मामले में उन्हें जमानत मिली।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चटर्जी शुक्रवार या शनिवार को रिहा हो सकते हैं।
गिरफ्तारी के समय कोलकाता पुलिस कमिश्नर अजय नंद ने बताया था कि चटर्जी ने चुनाव प्रक्रिया में कथित EVM छेड़छाड़ और अनियमितताओं को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था, जिससे राजनीतिक दलों के बीच विभिन्न धारणाएं उत्पन्न हुईं और भ्रम की स्थिति बनी।
पुलिस ने चटर्जी को दो बार नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए उपस्थित होने को कहा था, लेकिन वे इस पर अनुपस्थित रहे।
यह मामला चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता एवं डिजिटल पारदर्शिता के महत्व को दर्शाता है, और सामाजिक मीडिया पर सूचना-सत्यापन की जिम्मेदारी को पुनः उजागर करता है। न्यायिक प्रक्रिया जारी है और कानून के मुताबिक उचित कार्रवाई की जा रही है।