बंगाल में नया मुख्य सचिव नियुक्त, टीएमसी ने उठाए सवाल
पश्चिम बंगाल सरकार ने सोमवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल को राज्य का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया। यह नियुक्ति राजनीतिक और प्रशासनिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव की ओर इशारा करती है।
मुख्य सचिव पद राज्य का सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी होता है और मुख्यमंत्री का प्रधान सलाहकार और विभागों के बीच समन्वयक की भूमिका निभाता है। मनोज कुमार अग्रवाल ने हाल ही में राज्य में विधानसभा चुनाव और विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया की सफलता में अहम भूमिका निभाई।
यह नियुक्ति विशेष गहन मतदाता सूची पंजीकरण के पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता के मुख्यमंत्री के सलाहकार बनाए जाने के दो दिन बाद आई है। सुब्रत गुप्ता का यह नया पद भी राज्य के चुनाव और प्रशासन की दिशा में गहराई की पहचान है।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने इस नियुक्ति को तीखी आलोचना दी है। पार्टी की सांसद सागरिका घोष ने इसे “बेहद निंदनीय और दुस्साहसी” बताते हुए सवाल उठाया कि क्या चुनाव निष्पक्ष और स्वतंत्र थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, “जो ‘तटस्थ न्यायाधीश’ घोषित किए गए थे, उन्हें बीजेपी शासन के शीर्ष नौकरशाह पद से सम्मानित किया गया।”
टीएमसी प्रवक्ता साकेत गोखले ने चुनाव आयोग और बीजेपी पर चुनाव चुराने का आरोप लगाते हुए सवाल किया, “क्या अदालतें अंधी हैं या मिलीभगत कर रही हैं?” उन्होंने इसे “निंदनीय” बताया।
राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने भी व्यंग्यात्मक अंदाज में इस नियुक्ति पर टिप्पणी की, जो इस संपूर्ण प्रकरण की जटिलता को दर्शाता है।
यह नियुक्ति पश्चिम बंगाल की राजनीतिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर बहस को नई दिशा देती है और आगामी समय में इसके प्रभावों पर नजर रखी जा रही है।