गिरोह फर्जी पहचान पत्रों के आधार पर सिम कार्ड खरीदता था। उन्हीं सिम कार्डों पर अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाए जाते थे। ग्राहकों से पैसे इन्हीं खातों और क्यूआर कोड के माध्यम से ट्रांसफर कराए जाते थे। बरामद सिम कार्ड प्री-एक्टिवेटेड थे, जिन्हें अलग-अलग राज्यों के पते दिखाकर लिया गया था। पुलिस को इंडियन बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, पंजाब नेशनल बैंक और केनरा बैंक सहित कई बैंकों के खातों की डिटेल मिली है, जिनका इस्तेमाल ठगी के पैसों के लेनदेन में किया जाता था।
गुप्त सूचना पर रंगे हाथ पकड़े गए आरोपी
एडीसीपी सेंट्रल नोएडा संतोष कुमार ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि गौड़ सिटी क्षेत्र में एक कार्यालय से ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सूचना के आधार पर गठित टीम ने बुधवार को गौड़ सिटी सेंटर के चौथे तल पर छापा मारा। मौके पर कई लोग मोबाइल और लैपटॉप पर ऑनलाइन दांव लगाते मिले। छापेमारी के दौरान 18 एंड्रॉयड मोबाइल, 4 लैपटॉप, 155 फर्जी सिम कार्ड, 50 से अधिक क्यूआर कोड, 2 कंप्यूटर मॉनिटर, 4 वाई-फाई मॉडेम, 10 डाटा शीट, 10 कॉलिंग हेडफोन और 45 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। बिना रजिस्ट्रेशन चल रही थी कंपनी
पुलिस के अनुसार, गिरोह ट्रेंट्रैक इनोवेटिव सॉल्यूशंस नाम से पिछले छह महीनों से यह गतिविधि चला रहा था। जो कहीं भी रजिस्टर नहीं थी और न ही उसका कोई जीएसटी नंबर था। कूटरचित दस्तावेजों के सहारे सिम और बैंक खाते खुलवाकर इन्हें गेमिंग ऐप और कॉलिंग के लिए इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं, जुआ अधिनियम और आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

