बीकेसी में साप्ताहिक सार्वजनिक परिवहन दिवस की शुरूआत, टै्रफिक सुविधा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम
मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) में पहली बार एक विशेष गतिशीलता पहल शुरू की गई है, जिसके तहत हर शुक्रवार को साप्ताहिक सार्वजनिक परिवहन दिवस मनाया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लगभग 2,00,000 व्यवसायिक कर्मचारियों को निजी वाहनों के बजाय ट्रेन, मेट्रो और बसों जैसे सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
यह पहल मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए) द्वारा बेस्ट, मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, ट्रैफिक पुलिस, ऑटो-रिक्शा यूनियनों तथा WRI इंडिया के सहयोग से लागू की जा रही है। बीकेसी में कार्यरत लगभग 90 कंपनियों और संगठनों ने इस योजना का समर्थन पहले ही प्रदान कर दिया है।
शोध और परामर्शों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया है कि अधिकांश यात्री सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने को तैयार हैं यदि सेवाएं अधिक विश्वसनीय, सुविधाजनक और बेहतर जुड़ी हों। बीकेसी से होकर गुजरने वाली मेट्रो लाइन 3 के उद्घाटन के बावजूद, सड़क यातायात जाम की समस्या बनी हुई है, क्योंकि आधे से अधिक यात्री आज भी दैनिक यात्रा के लिए निजी वाहन, टैक्सी और ऑटो-रिक्शा पर निर्भर हैं।
अंतिम मील कनेक्टिविटी मुख्य बाधा के रूप में सामने आई है। मेट्रो स्टेशनों से कार्यालयों तक पहुंचने में कठिनाइयां, सीमित फीडर बस सेवाएं एवं अपर्याप्त पैदल यात्री बुनियादी संरचना सार्वजनिक परिवहन अपनाने में मुख्य अड़चनें हैं। इन समस्याओं के समाधान हेतु मंत्रालय बेहतर बस संचालन, समर्पित बस मोड़ सुविधाएं, सुसंगत पैदल मार्ग और छायादार रास्तों के माध्यम से पैदल यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के उपायों पर विचार कर रहा है।
इस पहल की तीन से चार महीनों तक सख्त मॉनिटरिंग की जाएगी जिसमें निरंतर मूल्यांकन से समस्याओं की पहचान कर सही कदम उठाए जाएंगे। कर्मचारियों के लिए मान्यता कार्यक्रम और सार्वजनिक परिवहन व्यय प्रतिपूर्ति जैसे प्रोत्साहनों की भी योजना बनाई जा रही है।
यदि यह कार्यक्रम सफल रहता है, तो यह भारत के अन्य व्यावसायिक केंद्रों के लिए एक मॉडल साबित हो सकता है, जो दिखाएगा कि किस प्रकार सार्वजनिक एजेंसियों, परिवहन संचालकों और निजी कंपनियों के बीच समन्वयित प्रयास शहरी गतिशीलता प्रणालियों को अधिक टिकाऊ और कुशल बना सकते हैं।