जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में किसी भी प्रकार की दुर्घटना, आगजनी अथवा आपदा को रोकना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी प्रतिष्ठान संचालकों को निर्देशित किया कि निर्धारित सुरक्षा मानकों, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता एवं कार्यशीलता, इमरजेंसी एग्जिट, सीसीटीवी कैमरा व्यवस्था, पार्किंग प्रबंधन तथा भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था पूर्ण रूप से दुरुस्त रहनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी ज्वलनशील पदार्थ प्रतिष्ठानों में न रखा जाए तथा एंट्री और एग्जिट गेट पर लाइटिंग साइनेज अनिवार्य रूप से लगाए जाएँ ताकि लोगों को दूर से ही मार्ग स्पष्ट दिखाई दे सके।
जिलाधिकारी ने सभी संस्थानों को अपने यहां एक इमरजेंसी इंचार्ज नामित करने और उसकी सूची जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी प्रतिष्ठानों में प्राथमिक उपचार सामग्री, पब्लिक एड्रेस सिस्टम तथा दिव्यांगजन-अनुकूल सुविधाएं भी पूरी तरह सुदृढ़ रहनी चाहिए। साथ ही कर्मचारियों के लिए नियमित मॉक ड्रिल एवं आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण आयोजित किये जाये, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तुरंत और प्रभावी कार्रवाई की जा सके। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रशासन समय-समय पर निरीक्षण करेगा और लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इसी क्रम में जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि वे समय-समय पर सभी प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण करते रहें, ताकि प्रत्येक संस्थान निर्धारित सुरक्षा मानकों के पूर्ण अनुरूप और व्यवस्थित ढंग से संचालित हो।
बैठक में पुलिस विभाग, विद्युत सुरक्षा विभाग, अग्निशमन विभाग, आबकारी विभाग एवं आपदा प्रबंधन से संबंधित अधिकारियों ने भी उपस्थित होकर विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया। अधिकारियों ने सुरक्षा उपकरणों की अनिवार्य उपलब्धता, विद्युत सुरक्षा, क्षमता के अनुरूप भीड़ प्रबंधन तथा लाइसेंस की शर्तों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने पर बल दिया।
जिलाधिकारी ने आगामी क्रिसमस एवं नववर्ष के आयोजनों को देखते हुए सभी संचालकों से अपनी कार्ययोजना पहले से तैयार रखने और किसी भी कार्यक्रम का आयोजन करने से पूर्व सक्षम अधिकारी से आवश्यक अनुमति अनिवार्य रूप से प्राप्त करने के निर्देश दिया

