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कांदिवली-मलाड में सात जर्जर पुलों के पुनर्निर्माण को बीएमसी की हरी झंडी, दो वर्षों में पूरी होगी ₹32.64 करोड़ की परियोजना

Report By : ICN Network

मुंबई के उपनगरीय क्षेत्रों में ढांचागत सुधार की दिशा में एक अहम पहल करते हुए, बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने कांदिवली और मलाड जैसे व्यस्त इलाकों में स्थित सात जर्जर पुलों के पुनर्निर्माण को मंजूरी दे दी है। इस योजना पर लगभग ₹32.64 करोड़ खर्च होंगे और इसे दो वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

इस परियोजना के तहत आर/दक्षिण और पी/उत्तर वार्डों में तीन वाहन पुलों और चार फुटओवर ब्रिज (FOB) को ध्वस्त करके नए सिरे से बनाया जाएगा। दो प्रमुख वाहन पुल — एक अप्पा पाड़ा के पास और दूसरा साईनगर स्थित सुरभि कॉम्प्लेक्स के पास — मजबूत आरसीसी (RCC) ढांचे में पुनर्निर्मित होंगे।

रामनगर चॉल, नरवणे ट्रांजिट कैंप, गावदेवी रोड और हनुमान नगर के पास महालक्ष्मी डेयरी फार्म में स्थित पैदल पुलों को भी पुनर्निर्माण योजना में शामिल किया गया है। इनमें से कई संरचनाएं या तो बंद कर दी गई हैं या आंशिक रूप से चालू हैं, जिससे स्थानीय यात्रियों को परेशानी हो रही थी।

यह फैसला दो स्तर के ऑडिट के बाद लिया गया — पहले एससीजी कंसल्टिंग सर्विसेज द्वारा प्रारंभिक मूल्यांकन किया गया, जिसके बाद स्ट्रक्चरिक्स कंसल्टिंग इंजीनियर्स ने 2023 में पुनर्मूल्यांकन कर पुष्टि की कि ये पुल मरम्मत योग्य नहीं हैं और इन्हें नए सिरे से बनाना ही एकमात्र समाधान है।

इस परियोजना की योजना तैयार करने के लिए बीएमसी ने फेमस्ट्रक्ट कंसल्टिंग इंजीनियर्स को तकनीकी सलाहकार नियुक्त किया है, जो डिज़ाइन लेआउट, लागत आकलन और निविदा दस्तावेज़ तैयार कर रहे हैं। निधि बीएमसी के 2025-26 के ₹8,238.73 करोड़ के बुनियादी ढाँचा बजट से जारी की जाएगी।

अधिकारियों का मानना है कि इस पुनर्निर्माण कार्य से कांदिवली और मलाड के हज़ारों दैनिक यात्रियों की आवाजाही सुरक्षित और सुगम होगी।


By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)