पणजी: मतदाता सूची की जांच के लिए चल रही SIR प्रक्रिया को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग से कई सवाल पूछे हैं। मामला गोवा की वोटर लिस्ट से कुछ लोगों के नाम हटाए जाने से जुड़ा है। सुनवाई के दौरान अदालत ने पूछा कि अगर कोई व्यक्ति भारतीय नागरिक है, तो उसका नाम मतदाता सूची से बाहर होने की स्थिति क्यों आ रही है।
कोर्ट ने कहा कि SIR का उद्देश्य वोटर लिस्ट को सही और अपडेट रखना है। ऐसे में अगर जांच के दौरान योग्य नागरिकों के नाम ही हट जाएं, तो इस पूरी प्रक्रिया का मकसद समझना मुश्किल हो जाता है।
मामले में एक परिवार के सदस्यों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाने का मुद्दा सामने आया। परिवार की ओर से पता बदलने से संबंधित फॉर्म भी जमा किया गया था। इसी को लेकर अदालत ने चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण मांगा।
सुनवाई के दौरान फॉर्म 6 और फॉर्म 8 की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठे। अदालत ने पूछा कि जो व्यक्ति पहले से मतदाता सूची में दर्ज है और सिर्फ अपना पता बदल रहा है, उसे नए वोटर की तरह प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत क्यों पड़े।
हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग से SIR के दौरान इस्तेमाल होने वाले एन्यूमरेशन फॉर्म और उससे जुड़े दस्तावेज भी पेश करने को कहा है। मामले पर आगे भी सुनवाई होगी।

