मुंबई में पाइपलाइन और सड़क कार्यों की बढ़ती संख्या के बीच बीएमसी की नई ट्रेंचिंग नीति
मुंबई में पाइपलाइन और प्राकृतिक गैस के बुनियादी ढांचे के विस्तार को तेज करने के लिए बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने महनगर गेस लिमिटेड (एमजीएल) को 24 घंटे पाइपलाइन और ट्रेंचिंग कार्य करने की अनुमति दी है। यह निर्णय केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के अनुरूप लिया गया है ताकि ईंधन आपूर्ति परियोजनाओं में हो रही देरी को कम किया जा सके।
शहर में बड़े पैमाने पर खुदाई कार्यों के चलते ट्रेंच भरने और सड़क पुनरोद्धार की लागत में भारी वृद्धि हुई है। ऐसे में नगर निकाय ने मुंबई के सातों ज़ोन में ट्रेंच भराई कार्यों के अनुबंधों की कीमतों को दोगुना से अधिक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है।
इस प्रस्ताव के तहत, अनुबंध राशि को 243.52 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 583.02 करोड़ रुपए करने का निर्णय बीएमसी की स्थायी समिति के समक्ष बुधवार, 27 मई को रखा गया। कर समेत, इस परियोजना की संशोधित कुल लागत 618 करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है।
बीएमसी के 24 प्रशासनिक वार्डों द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, ट्रेंच भराई कार्यों के लिए अनुमोदित मूल 243.52 करोड़ रुपए में से लगभग 212.23 करोड़ रुपए अनुबंध मिलने के कुछ ही महीनों में खर्च किए जा चुके हैं। वर्तमान में नगर निकाय को काम जारी रखने के लिए अतिरिक्त 339.5 करोड़ रुपए की आवश्यकता है।
एतिहासिक दक्षिण मुंबई से लेकर बैकुल्ला इलाके तक के क्षेत्र को समेटे ज़ोन I को लगभग 59 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। वहीं, घाटकोपर, भांडूप और मुलुंड वाले ज़ोन VI को लगभग 57 करोड़ रुपए मिलने की संभावना है। कूरला, चेंबूर और गोवंडी वाले ज़ोन V को करीब 51.5 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
साथ ही, बीएमसी एक नई ट्रेंचिंग नीति भी तैयार कर रहा है ताकि शहर में बढ़ती सड़क खुदाई की संख्या को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सके। वर्तमान में, उपयोगिता कंपनियां पाइप लाइन या केबल बिछाने के बाद सड़क पुनर्निर्माण के शुल्क बीएमसी को देती हैं, जो ठेकेदारों को ट्रेन्च भरने और सड़क पुनर्स्थापन कार्यों के लिए नियुक्त करता है।
प्रस्तावित नीति के अनुसार, उपयोगिता कंपनियों को स्वयं सड़क पुनर्स्थापन की जिम्मेदारी दी जा सकती है। इसके साथ ही, वे एजेंसियां जो मौजूदा बीएमसी नियंत्रण वाले पुनर्स्थापन प्रणाली को चुनती हैं, उनसे अधिक शुल्क वसूला जा सकता है।
फिलहाल ट्रेंचिंग अनुमति केवल गैर-मॉनसून महीनों में दी जाती है। रिपोर्ट के अनुसार, बीएमसी मानता है कि उपयोगिता कंपनियों द्वारा स्वयं सड़क मरम्मत करने की अनुमति देने से काम में तेजी आएगी और देरी कम होगी।
नई नीति फिलहाल अंतिम रूप में है। मुंबई में सड़क खुदाई और पुनर्स्थापन वर्षों से एक गंभीर नागरिक मुद्दा रहा है। पाइपलाइन, ड्रेनेज लाइन और केबल बिछाने के लिए सड़क बार-बार खोदी जाती है और कई बार अलग-अलग एजेंसियों द्वारा इसी सड़क पर पुनः खुदाई होती है। बीएमसी खुदाई की अनुमति देते समय समयसीमा और सड़क पुनर्स्थापन की शर्तें भी निर्धारित करता है।