एमसीडी का आगामी वर्ष का बजट बुधवार को सदन की बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा। स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा सदन की विशेष बैठक में बजट पेश करेंगी। उनकी ओर से एमसीडी को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने की दिशा में कई अहम प्रावधानों की घोषणा किए जाने की संभावना है। साथ ही दिल्लीवासियों के साथ-साथ एमसीडी के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी कई सौगातें दी जा सकती हैं।
सूत्रों के मुताबिक बजट में करीब 12 महत्वपूर्ण मामलों और विभागों से जुड़ी घोषणाएं शामिल होंगी, जिनका सीधा असर एमसीडी की कार्यप्रणाली और नागरिक सुविधाओं पर पड़ेगा। बजट का मुख्य फोकस एमसीडी की आय बढ़ाने, खर्चों को नियंत्रित करने और लंबित देनदारियों को कम करने पर रहेगा। संपत्ति कर, विज्ञापन शुल्क और अन्य राजस्व स्रोतों को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए नई व्यवस्था या संशोधित ढांचे की घोषणा हो सकती है। वहीं वित्तीय अनुशासन को मजबूत करने और परियोजनाओं की समयबद्ध निगरानी के लिए भी प्रावधान किए जाने की उम्मीद है।
बजट में पर्यावरण को विशेष प्राथमिकता दी जा सकती है। कचरा प्रबंधन, स्रोत पर कचरे के पृथक्करण, कम्पोस्टिंग और रिसाइक्लिंग को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाओं का एलान संभव है। साथ ही पार्कों, हरित क्षेत्रों और सड़क किनारे हरियाली के संरक्षण व विस्तार पर भी जोर दिया जा सकता है। वायु और जल प्रदूषण से निपटने के लिए जागरूकता अभियानों और तकनीकी उपायों को बजट में शामिल किए जाने की संभावना है।
शिक्षा और स्वास्थ्य भी बजट के प्रमुख स्तंभ रहेंगे। एमसीडी के स्कूलों में बुनियादी ढांचे के सुधार, स्मार्ट कक्षाओं, डिजिटल सुविधाओं और छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए नई पहल की घोषणा हो सकती है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में निगम के अस्पतालों, पॉलीक्लिनिक और डिस्पेंसरी में सुविधाओं के उन्नयन, दवाओं की उपलब्धता और स्टाफ की कमी को दूर करने पर ध्यान दिया जा सकता है।
सफाई व्यवस्था को लेकर भी बजट में ठोस घोषणाएं होने की उम्मीद है। सफाई कर्मचारियों के लिए आधुनिक उपकरण, मशीनरी और सुरक्षा उपायों के साथ-साथ मोहल्ला स्तर पर स्वच्छता अभियानों को तेज करने की योजना सामने आ सकती है। कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए पदोन्नति और कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी राहतों की घोषणा भी संभव है।