शहर में सुबह और शाम के समय कई प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति होने पर कैब और रैपिडो चालक ट्रिप लेने से इन्कार कर देते हैं। इन स्थानोें पर सार्वजनिक परिवहन की पर्याप्त व्यवस्था न होने से लोगों को घंटों परेशान होना पड़ता है। कई बार तो कई किलोमीटर की दूरी पैदल तय करनी पड़ती है।
ग्रेटर नोएडा तेजी से विकसित हो रहा शहर है, लेकिन इसके अनुरूप सार्वजनिक परिवहन ढांचा विकसित नहीं किया गया है। मेट्रो की सीमित पहुंच और बस सेवाओं की अनुपलब्धता के कारण लोगों को निजी वाहनों या कैब ऐप पर निर्भर रहना पड़ता है। शहर में नियमित बस सेवा नहीं है। चुनिंदा रूटों पर ऑटो का संचालन होता है। शहर के बीस से अधिक सेक्टर ऐसे ही जहां रहने वाले लोग निजी वाहनों पर निर्भर है। जिन लोगों के पास अपनी कार या बाइक नहीं है। उनको कैब या रेपिडो पर निर्भर है। उनको जाम वाले इलाके से निकलने में कई गुना किराया देना पड़ता है।
ऑफिस व कॉलेज जाने वालों को हो दिक्कत
ग्रेटर नोेएडा के पैरामाउंट निवासी निशा ने बताया कि सुबह और शाम के समय परी चौक पर जाम के चलते कैब या बाइक राइड बुक करने में काफी दिक्कतें होती हैं। बुकिंग करने के बाद हर बार बुकिंग कैंसिल हो जाती है। समय पर ऑफिस पहुंचना मुश्किल रहता है।

