शिंदे सेना कॉर्पोरेटर पर अस्पताल कर्मचारियों के खिलाफ हिंसा का आरोप
थाने में डोंबिवली के शास्त्री नगर अस्पताल में सोमवार को हुई घटना में शिवसेना के कॉर्पोरेटर रमेश सुकल्या मत्रे पर डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों के साथ मारपीट करने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने इसकी पुष्टि की है और बताया कि इस घटना के संबंध में तीन अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है।
घटना की पृष्ठभूमि यह है कि राज्य के इस अस्पताल में नवजात शिशु के लिए नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) में बेड उपलब्ध नहीं थे, जिसके कारण डॉक्टरों ने बच्चे के परिवार से उसे किसी अन्य अस्पताल में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया।
परिवार ने इस स्थिति पर नाराजगी जताई और रमेश मत्रे से संपर्क किया। मत्रे समर्थकों के साथ अस्पताल पहुंचा और वहां पर मौजूद स्टाफ के साथ विवाद कर मारपीट की। अस्पताल की सुरक्षा कैमरों में कैद इस घटना की वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिसमें धमकी भरे व्यवहार और शारीरिक हिंसा के दृश्य हैं।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों के नाम रमेश पवार, प्रमोद निकम और अक्षय करांडे हैं। असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सुहास हेमाडे ने कहा कि उन सभी की पहचान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की गई है और उनकी हरकतों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
घटना के बाद डॉक्टरों और अस्पताल के कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि मत्रे पर पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, बावजूद इसके उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही।
यह मामला स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल उठाता है कि किस प्रकार राजनीतिक प्रभाव के कारण अस्पताल कर्मचारियों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है। पुलिस और स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा है कि वे सभी आरोपों की गहन जांच कर रहे हैं और न्याय सुनिश्चित करेंगे।
यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि अस्पतालों में मरीज और कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और हिंसा जैसी घटनाओं को रोका जाना चाहिए ताकि चिकित्सा सेवाएं बाधित न हों। मेडिकल स्टाफ की सुविधा और सम्मान के लिए कठोर कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया जा रहा है।