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Ghaziabad के बिल्डरों पर CBI का शिकंजा, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एक्शन तेज; करोड़ों का है मामला

Ghaziabad के बिल्डरों पर CBI का शिकंजाGhaziabad के बिल्डरों पर CBI का शिकंजा

सीबीआई ने Ghaziabad के दो प्रमुख बिल्डरों पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कार्रवाई तेज कर दी है। जांच में बिल्डरों और बैंकों के बीच कथित साठगांठ की पड़ताल की जा रही है, जिसमें करोड़ों रुपये का मामला सामने आया है।

बुधवार को सीबीआई की टीम गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) कार्यालय पहुंची और दो बिल्डरों के प्रोजेक्ट से जुड़े मूल दस्तावेज मांगे। सूत्रों के अनुसार, जांच के दायरे में रेड एप्पल, आइडिया बिल्डर और मंजू जे होम्स इंडिया लिमिटेड के प्रोजेक्ट शामिल हैं। सीबीआई ने जीडीए से राजनगर एक्सटेंशन में स्थित मंजू जे होम्स और आइडिया बिल्डर के रुके हुए प्रोजेक्ट्स के स्वामित्व, स्वीकृत नक्शे और अन्य दस्तावेजों की मांग की है।

जीडीए के अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि सीबीआई ने लिखित अनुरोध किया है और नियमानुसार दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे। इन प्रोजेक्ट्स में 1,000 से अधिक खरीदारों का पैसा फंसा है, और बिल्डरों ने लंबे समय से निर्माण कार्य बंद रखा है। खरीदारों ने रेरा और अन्य मंचों पर शिकायतें दर्ज की हैं, साथ ही नंदग्राम थाने में मामले भी दर्ज कराए हैं।

आरोप है कि बिल्डरों ने करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की। सीबीआई ने राजनगर एक्सटेंशन में प्रोजेक्ट स्थलों का निरीक्षण भी किया। पहले कॉपियों की जांच के बाद, अब मूल दस्तावेजों की मांग के साथ जांच को और गहरा किया जा रहा है।

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)

{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}
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