टेलीग्राम को पाइरेटेड कंटेंट हटाने के लिए केंद्र का सख्त निर्देश
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने शनिवार को मैसेजिंग एप्लिकेशन टेलीग्राम को निर्देश दिया है कि वह अपनी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध सभी पाइरेटेड फिल्मों और कॉपीराइट संरक्षित सामग्री को 15 दिनों के भीतर हटाए। मंत्रालय ने इस मामले में जांच रिपोर्ट भी मांगी है।
सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने कहा है कि यदि टेलीग्राम द्वारा इस आदेश का पालन नहीं किया गया तो इसके खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 एवं सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
इस संदर्भ में यह उल्लेखनीय है कि मार्च में मंत्रालय ने 3,000 से अधिक टेलीग्राम चैनलों को हटाने का आदेश दिया था, जो पाइरेटेड सामग्री से जुड़े थे।
यह नोटिस ऐसे समय आया है जब केंद्र सरकार ने टेलीग्राम और सिग्नल से उनकी सुरक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी मांगी है ताकि वे यूजरनेम-आधारित धोखाधड़ी और छद्मवेशीकरण को रोक सकें।
सरकार ने हाल ही में व्हाट्सएप को भी इसी प्रकार की नई सुविधा के रोलआउट को रोके जाने का निर्देश दिया था।
मंत्रालय ने टेलीग्राम को स्पष्ट कहा है कि वह पाइरेटेड कंटेंट की पहचान, रिपोर्टिंग, एक्सेस को निष्क्रिय करने और उसे हटाने की अपनी प्रणाली को और मज़बूत करे। साथ ही, ऐसे चैनल, ग्रुप, बॉट, खाते और व्यवस्थापक जो बार-बार पाइरेटेड सामग्री साझा करते हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी होगी।
एक अनाम अधिकारी के अनुसार, यह कार्रवाई ‘पाइरेटेड कंटेंट हटाने के टुकड़ों में कार्यवाही से हटकर प्लेटफॉर्म को जवाबदेह बनाने’ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
कॉपीराइट हनन न केवल सिविल उल्लंघन है बल्कि 1957 के कॉपीराइट एक्ट और 1952 के सिनेमा एक्ट के तहत दंडनीय अपराध भी है। इसी वजह से इस दिशा में सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।