• Tue. May 26th, 2026

मुंबई हवाईअड्डे पर तस्करी के रुझान में बदलाव: ड्रग जब्ती में तेजी, सोने की तस्करी घटे

Byadmin

May 26, 2026 #apis, #csmia, #source
Smuggling Trends Shift at Mumbai Airport: Drug Seizures Surge, Gold Down

मुंबई हवाईअड्डे पर तस्करी के स्वरूप में बड़ा बदलाव

छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा (CSMIA), मुंबई, तस्करी के मामलों में अभूतपूर्व बदलाव का साक्षी बन रहा है। जहां पिछले दो वर्षों में सोने की तस्करी में भारी गिरावट आई है, वहीं मादक पदार्थों की तस्करी – विशेषकर हाइड्रोपोनिक कैनबिस की – शुभाशंक वृद्धि देखी गई है। यह जानकारी मुंबई हवाईअड्डे के कस्टम विभाग के आंकड़ों से स्पष्ट होती है।

सोने की तस्करी में गिरावट

वित्तीय वर्ष 2023-24 में सोने की जब्ती अपने उच्चतम स्तर पर पहुंची थी, लेकिन इसके बाद लगातार गिरावट दर्ज हुई। कस्टम विभाग के अनुसार, 2023-24 में लगभग 999 किलो सोना जब्त किया गया था, जिसका मूल्य लगभग 531 करोड़ रुपये आंका गया। वहीं, 2024-25 में यह मात्रा गिरकर 501 किलो रह गई, और 2025-26 (मार्च तक) केवल 80 किलो सोना जब्त किया गया। तस्करी के मामलों में भी इसी प्रकार की कमी देखी गई है।

सोने की तस्करी में कमी के कारण

विशेषज्ञों के अनुसार सोने की तस्करी में गिरावट का मुख्य कारण आयात शुल्क में बदलाव है। 2022 में उच्च आयात शुल्क ने सोने की तस्करी को मुनाफे वाला बनाया था। हालांकि, 23 जुलाई 2024 को केंद्रीय बजट में सोने के आयात शुल्क को 15% से घटाकर 6% कर दिया गया। इस बदलाव के कारण तस्करों के लाभ में कमी आई और सोने की तस्करी में गिरावट आई।

फिर भी मई 2026 में व्यापार घाटे और विदेशी मुद्रा निर्गम की चिंताओं के चलते सरकार ने इसे पुनः 15% कर दिया। अधिकारियों का मानना है कि इस वृद्धि से सोने की तस्करी दोबारा बढ़ सकती है, हालांकि अभी तक जब्ती के आंकड़ों में इसका प्रभाव स्पष्ट नहीं हुआ है।

ड्रग तस्करी में बढ़ोतरी

जहां सोने की तस्करी में कमी आई, वहीं कस्टम अधिकारियों के आंकड़ों के अनुसार मादक पदार्थों की तस्करी में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। विशेषकर हाइड्रोपोनिक कैनबिस की तस्करी तेज़ी से बढ़ी है।

वित्तीय वर्ष 2022-23 में केवल 14 एनडीपीएस (नशे के प्रति दंडात्मक) मामले दर्ज हुए, जिनमें 24 किलो कंडरबैंड जब्त हुआ जिसकी कीमत लगभग 186 करोड़ रुपये थी। इसके मुकाबले 2025-26 (फरवरी तक) में मामले बढ़कर 235 हो गए और 1,395 किलो मादक जब्त किया गया, जिसका अनुमानित मूल्य 1,512 करोड़ रुपये था।

सोने से ड्रग्स की ओर रुझान

कस्टम अधिकारियों के अनुसार, संगठित तस्करी सिंडीकेट अब सोने से अधिक नशे की तस्करी पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हाइड्रोपोनिक कैनबिस इसलिए लोकप्रिय हो रहा है क्योंकि इसमें न केवल मुनाफा अधिक है, बल्कि इसका कानूनी जोखिम भी हीरोइन और कोकीन की तुलना में कम है।

मादक पदार्थों की अधिकतर खेप थाईलैंड से आती हैं, जो बैंकॉक, हांगकांग, कुआलालंपुर, सिंगापुर और कोलंबो के रास्ते मुंबई पहुंचती हैं।

हाइड्रोपोनिक कैनबिस की जब्ती में उछाल

कस्टम एयर इंटेलिजेंस यूनिट ने हाइड्रोपोनिक कैनबिस के मामलों में जब्ती में भारी इजाफा दर्ज किया है। 2023-24 में 9 मामले और 25 किलो जब्त हुआ, जबकि 2024-25 में मामले बढ़कर 57 हो गए। 2025-26 (फरवरी तक) में इसे जब्त करने के मामले 235 तक पहुंच गए और मात्रा 1,395 किलो थी।

हाइड्रोपोनिक कैनबिस पोषण-समृद्ध पानी में उगाई जाती है और इसकी टीएचसी मात्रा सामान्य घास की तुलना में अधिक होती है। यह मेट्रो शहरों में अधिक कीमत पर बिकती है, इसलिए तस्करों के लिए आकर्षक विकल्प बन गई है।

थाईलैंड की 2022 की कैनबिस डिक्रिमिनलाइज़ेशन नीति से इस व्यापार को बढ़ावा मिला। हालांकि, जून 2025 में कड़ी मानक लागू किए गए, परन्तु तस्करी के नेटवर्क अब भी अंतरराष्ट्रीय यात्री व कार्गो मार्गों का उपयोग कर रहे हैं।

कस्टम विभाग की रणनीतियाँ

मुंबई हवाईअड्डे पर कस्टम अधिकारियों ने एडवांस्ड पैसेंजर इन्फॉर्मेशन सिस्टम (APIS) का उपयोग कर निगरानी कड़ा कर दिया है। उनके अनुसार उच्च जोखिम वाले यात्रियों की पहचान उनके यात्रा इतिहास, बुकिंग व्यवहार, अंतिम क्षण में टिकट खरीद, बार-बार अंतरराष्ट्रीय यात्रा, असामान्य ट्रांजिट मार्ग, और पिछले रिकॉर्ड के आधार पर की जाती है।

तस्करी का पता लगाने के लिए कस्टम टीम व्यवहारिक प्रोफाइलिंग, स्पॉट चेक, एक्स-रे स्क्रीनिंग, भौतिक सामान जांच, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जांच और विमान के डिब्बों की तलाशी जैसी विधियों का उपयोग करती है।

इंटेलिजेंस एजेंसियों जैसे राजस्व इंटेलिजेंस निदेशालय और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो से सहयोग मिल रहा है जो संगठित तस्करी नेटवर्क को ट्रैक करते हैं।

उन्नत छुपाने की तकनीकें

अधिकारियों ने बताया कि सोने के तस्कर अब नए और पेचीदा तरीके अपना रहे हैं जो सामान्य मेटल डिटेक्टर और एक्स-रे स्कैनर से बच पाते हैं। इनमें सोने के पेस्ट का उपयोग और सोने का पाउडर मोम के साथ मिलाना शामिल है। यह तकनीकें जांच प्रक्रियाओं को पार कर तस्करी को संभव बनाती हैं।

Source

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)