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नोएडा: 11,596 संदिग्ध मतदाता प्रविष्टियों की पहचान होने का दावा-SIR


11,596 संदिग्ध मतदाता प्रविष्टियों की पहचान होने का दावा
। समाजवादी पार्टी नोएडा महानगर संगठन द्वारा सेक्टर-33 स्थित महाराजा अग्रसेन भवन में महानगर अध्यक्ष डॉ. आश्रय गुप्ता की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता का संचालन पार्टी के मीडिया प्रभारी गौरव कुमार यादव ने किया।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए डॉ. आश्रय गुप्ता ने आरोप लगाया कि नोएडा विधानसभा क्षेत्र-61 की मतदाता सूची में व्यापक एवं गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। पार्टी द्वारा किए गए स्थानीय स्तर के सत्यापन एवं जांच के दौरान अब तक 11,596 संदिग्ध मतदाता प्रविष्टियों (Voter Entries) की पहचान की गई है। इनमें अनेक ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां एक ही व्यक्ति के नाम पर एक से अधिक मतदाता पहचान पत्र (Voter ID) जारी पाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में ऐसे कई उदाहरण मिले हैं, जहां एक ही व्यक्ति के नाम पर तीन, चार, पांच और यहां तक कि छह-छह वोटर आईडी दर्ज हैं। कई मामलों में मतदाता का नाम, आयु, पिता का नाम एवं अन्य विवरण समान पाए गए, जबकि उनका पंजीकरण अलग-अलग बूथों पर दर्ज है। कुछ मामलों में एक ही बूथ संख्या पर भी एकाधिक प्रविष्टियां मिली हैं।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि यह स्थिति निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) एवं तकनीकी रूप से सुदृढ़ एवं पारदर्शी मतदाता सूची तैयार करने के दावों पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। उन्होंने कहा, “हमें शुरुआत से ही इस प्रक्रिया पर संदेह था, लेकिन अब उपलब्ध दस्तावेजी साक्ष्यों ने उन आशंकाओं को और मजबूत कर दिया है। समाजवादी पार्टी निर्वाचन आयोग से इस पूरे मामले में लिखित स्पष्टीकरण मांगेगी तथा विस्तृत शिकायत स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजेगी।”
निर्वाचन आयोग से पूछे गए प्रमुख प्रश्न
यदि मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और तकनीकी रूप से सुदृढ़ थी, तो इतनी बड़ी संख्या में डुप्लीकेट प्रविष्टियां कैसे बनी रहीं?
यदि यह प्रशासनिक त्रुटि है, तो इसके लिए जिम्मेदार निर्वाचन अधिकारियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई है अथवा की जाएगी?
एक ही व्यक्ति के नाम पर अनेक वोटर आईडी तथा विभिन्न बूथों पर पंजीकरण कैसे संभव हुआ?
क्या निर्वाचन आयोग पूरी मतदाता सूची का स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पुनः परीक्षण कराएगा? यदि हां, तो दोषपूर्ण प्रविष्टियों को हटाने की समय-सीमा क्या होगी?
इस प्रकरण में संबंधित जिलाधिकारियों एवं अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही कैसे तय की जाएगी?
पूर्व विधानसभा प्रत्याशी सुनील चौधरी ने कहा कि पार्टी की जांच प्रक्रिया अभी जारी है और भविष्य में भी प्रेस वार्ताओं के माध्यम से जनता एवं मीडिया के समक्ष और अधिक तथ्यों को रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में फर्जी मतदाता, हटाए गए मतदाताओं तथा अन्य अनियमितताओं से संबंधित मामलों का भी खुलासा किया जाएगा।
महासचिव विकास यादव एवं मीडिया प्रभारी गौरव कुमार यादव ने कहा कि यह मामला किसी राजनीतिक दल की प्रतिष्ठा का नहीं, बल्कि लोकतंत्र की बुनियाद और मतदाता सूची की शुद्धता एवं विश्वसनीयता का विषय है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से मांग की कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय, स्वतंत्र एवं पारदर्शी जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
समाजवादी पार्टी नोएडा महानगर संगठन ने घोषणा की कि सभी उपलब्ध दस्तावेजों एवं साक्ष्यों के साथ निर्वाचन आयोग को विस्तृत शिकायत भेजी जाएगी तथा आयोग के उत्तर की प्रतीक्षा की जाएगी। पार्टी ने यह भी आश्वासन दिया कि जांच की प्रगति एवं आगे की कार्रवाई की जानकारी समय-समय पर जनता और मीडिया को उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रेस वार्ता में प्रमुख रूप से उपस्थित
डॉ. आश्रय गुप्ता , सुनील चौधरी, विकास यादव (महासचिव), बबलू चौहान ,
गौरव कुमार यादव , मनोज गोयल, बाबूलाल बंसल ,संजय त्यागी, भीष्म यादव, रामवीर यादव, राघवेंद्र दुबे, रोहित यादव, नकुल चौहान, राणा मुखर्जी, उदय सिंह, रंजन कुमार, वीरपाल अवाना, लोकेश यादव, गौरव यादव ,वेदपाल, हरपाल सिंह, शादाब खान, नीर अवाना, दानिश सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )