गुरुग्राम। शहर की सोसाइटियों में यूनिफाइड बिलिंग सिस्टम को प्रभावी तरीके से नहीं लागू किए जाने के कारण लोगों ज्यादा बिल चुकाना पड़ रहा है। डीएचबीवीएन के अनुसार, मुख्य समस्या बिल्डरों द्वारा सॉफ्टवेयर का उपयोग न करना और बिजली निगम को कॉमन एरिया का डाटा नहीं देना है।
इस कारण यह लोगों के बिल में ही जोड़कर दिया जा रहा है। यूनिफाइड बिलिंग का सॉफ्टवेयर बिल में पारदर्शिता के लिए बनाया गया था, जांच के अभाव में यह फेल हो रहा है। जबकि डीएचबीवीएन ने सभी सोसाइटियों को बिजली बिल पर 4 प्रतिशत की छूट दी है ताकि किसी भी मामूली त्रुटि या अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण हुए नुकसान की भरपाई की जा सके।