मुंबई के वर्सोवा इलाके में 4,180 वर्गमीटर के प्लॉट पर रिजर्वेशन बदलने के BMC के प्रस्ताव का कांग्रेस ने विरोध किया है। यह प्लॉट फिलहाल DP 2034 के तहत म्युनिसिपल पोस्ट और फायर स्टेशन के लिए आरक्षित है। कांग्रेस ने आशंका जताई है कि रिजर्वेशन में बदलाव के बाद भविष्य में इस जमीन पर रेजिडेंशियल डेवलपमेंट का रास्ता खुल सकता है।
कांग्रेस ने मांग की है कि प्रस्ताव पर फैसला लेने से पहले स्थानीय निवासियों, हाउसिंग सोसाइटियों और फायर डिपार्टमेंट की राय ली जाए।
मौजूदा रिजर्वेशन हटाने का प्रस्ताव
BMC ने 2,296 वर्गमीटर जमीन पर म्युनिसिपल पोस्ट और 1,143.16 वर्गमीटर जमीन पर फायर स्टेशन का रिजर्वेशन हटाने का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही 740.40 वर्गमीटर क्षेत्र को रेजिडेंशियल सेक्शन में शामिल करने का प्रस्ताव है। कांग्रेस ने कुल 4,179.56 वर्गमीटर के वर्सोवा प्लॉट के रिजर्वेशन में बदलाव पर आपत्ति जताई है।
कांग्रेस ग्रुप लीडर अशरफ आजमी ने मांग की है कि BMC यह स्पष्ट करे कि रिजर्वेशन में बदलाव से प्लॉट के FSI, TDR, फंजिबल FSI, बेचने योग्य क्षेत्र और मार्केट वैल्यू पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
उन्होंने प्लॉट के मालिक और आवेदक की जानकारी भी मांगी है। साथ ही यह भी पूछा है कि क्या भविष्य में इसमें कोई डेवलपर या निजी लाभार्थी शामिल होगा।
अशरफ आजमी ने वर्सोवा, सेवन बंगलोज, लोखंडवाला, ओशिवारा, फोर बंगलोज और अंधेरी वेस्ट जैसे इलाकों का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि क्या फायर सेफ्टी के लिहाज से मौजूदा रिजर्वेशन को हटाना उचित होगा।
पहले वैकल्पिक फायर स्टेशन बनाने की मांग
BMC के प्रस्ताव में सेवन बंगलोज-अंबिवली में एक वैकल्पिक फायर स्टेशन बनाने का प्रावधान है। हालांकि, कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि इस वैकल्पिक स्टेशन के शुरू होने से पहले वर्सोवा में मौजूदा रिजर्वेशन क्यों हटाया जा रहा है।
कांग्रेस ने BMC से प्रस्तावित वैकल्पिक फायर स्टेशन की जमीन के मालिक, वहां रहने वाले लोगों, जरूरी अनुमतियों, निर्माण की मौजूदा स्थिति, उपलब्ध फंडिंग और स्टेशन के शुरू होने की संभावित तारीख की जानकारी मांगी है।
पार्टी ने यह भी मांग की है कि वर्सोवा के फायर स्टेशन का रिजर्वेशन हटाने से पहले इलाके में आग लगने के खतरे और आपात स्थिति में फायर ब्रिगेड के मौके पर पहुंचने में लगने वाले समय का आकलन किया जाए।
रिजर्वेशन बदलने की प्रक्रिया पर भी सवाल
कांग्रेस ने रिजर्वेशन बदलने की प्रक्रिया के समय पर भी सवाल उठाए हैं। MHADA ने जुलाई 2025 में रिजर्वेशन बदलने की मांग की थी। इसके बाद जनवरी 2026 में प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई और अप्रैल 2026 में महाराष्ट्र रीजनल एंड टाउन प्लानिंग एक्ट के तहत सेक्शन 37(1) की प्रक्रिया अपनाई गई।
कांग्रेस ने पूरे मामले में स्थानीय निवासियों, हाउसिंग सोसाइटियों और फायर ब्रिगेड की विशेष सुनवाई कराने की मांग की है।
अशरफ आजमी ने कहा कि पहले दूसरा फायर स्टेशन बनाया जाए और उसके बाद रिजर्वेशन बदलने पर चर्चा की जाए।

