गाजियाबाद के ट्रांस-हिंडन क्षेत्र में दूषित Contaminated Water आपूर्ति एक गंभीर समस्या बन गई है। इंदिरापुरम से ब्रजविहार तक पुरानी और क्षतिग्रस्त पाइपलाइनें सीवर के पानी से मिल रही हैं, जिससे लोगों को बदबूदार और संक्रमित पानी मिल रहा है। नगर निगम की लापरवाही के कारण मरम्मत से काम चलाया जा रहा है, जबकि लोग बीमारियों का शिकार हो रहे हैं और बोतल बंद पानी खरीदने को मजबूर हैं।
शुद्ध पेयजल के नाम पर बढ़े हुए टीडीएस के साथ पेयजल पाइपलाइन को लेकर नगर निगम की बड़ी लापरवाही ट्रांस हिंडन क्षेत्र में है।
इंदिरापुरम से लेकर ब्रजविहार तक में सालों पुरानी पेयजल पाइपलाइन हैं, समय-समय पर इन्हें बदलने की मांग स्थानीय लोग करते हैं लेकिन मरम्मत के मरहम से काम चला लिया जाता है। बावजूद इसके यहां के लोगों को दूषित पेयजल मिलता है और आये दिन लाेग संक्रमण का शिकार होते हैं।
इंदिरापुरम की बात की जाए तो जीडीए ने जब इसे बसाया, उस दौरान की पेयजल पाइपलाइन पड़ी है। इसके अलावा अधिकांश क्षेत्रों में पेयजल पाइपलाइन के साथ ही सीवर की लाइन भी डली हुई है, जो सेहत के लिए बड़ा खतरा है। दोनों के क्षतिग्रस्त होने के कारण सीवर लाइन से आने वाला मल-मूत्र पेयजल पाइप लाइन में जाता है।
इससे संक्रमण का खतरा बढ़ता है। साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र में सड़क किनारे पाइपलाइन में लीकेज के चलते सड़क पर पानी भरा नजर आया। इसके ठीक सामने पड़ी लोहे की पाइपलाइन भी काफी जर्जर हालत में दिखी।
ब्रज विहार में नाला दूषित पेयजल का कारण
ब्रज विहार में नाला दूषित पेयजल का सबसे बड़ा कारण है। यहां पेयजल की लाइन नाले में होकर जा रही है। दैनिक जागरण की टीम ने जब इस क्षेत्र में पड़ताल की तो नाले में पेयजल पाइपलाइन में लीकेज रही स्थानीय निवासी आदित्य भारद्वाज ने बताया कि ब्रज विहार में दूषित पेयजल की समस्या पाइपलाइन पुरानी होने की वजह से है। 20 साल पुरानी पेयजल पाइपलाइन है, इनमें से अधिकांश लाइन गल चुकी है और दूषित पानी घरों में आता है।