• Wed. Jul 15th, 2026

भारत-ब्रिटेन की साझेदारी में क्रिटिकल मिनरल्स ग्लोबल सप्लाई चेन ऑब्जर्वेटरी लॉन्च

भारत-ब्रिटेन की साझेदारी में क्रिटिकल मिनरल्स ग्लोबल सप्लाई चेन ऑब्जर्वेटरी लॉन्च

भारत-ब्रिटेन की साझेदारी में क्रिटिकल मिनरल्स ग्लोबल सप्लाई चेन ऑब्जर्वेटरी का औपचारिक शुभारंभ

नई दिल्ली। भारत और ब्रिटेन के बीच महत्वपूर्ण खनिजों की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी के लिए एक नई पहल ‘‘क्रिटिकल मिनरल्स ग्लोबल सप्लाई चेन ऑब्जर्वेटरी’’ को गुरुवार को औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया। यह कदम दोनों देशों के बीच आवश्यक खनिजों की आपूर्ति सुरक्षा को मजबूत करने और स्वच्छ ऊर्जा एवं उन्नत मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने की प्राथमिकता को दर्शाता है।

केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी तथा ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास मामलों की राज्य सचिव यवेट कूपर ने इस अवसर पर अपने सम्बोधन में इस पहल की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह ऑब्जर्वेटरी दोनों देशों के बीच तकनीकी और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करते हुए जरूरी मिनरल्स की उपलब्धता के जोखिमों का मूल्यांकन साबित करेगी।

मंत्री रेड्डी ने कहा कि क्रिटिकल मिनरल्स आधुनिक आर्थिक विकास की आधारशिला हैं, खासकर स्वच्छ ऊर्जा तकनीक, उन्नत निर्माण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और अन्य रणनीतिक उद्देश्यों के लिए। इस ऑब्जर्वेटरी के माध्यम से भारत और ब्रिटेन को नीतिगत निर्णय लेने में अधिक मजबूत और साक्ष्य-आधारित सूचनाएं प्राप्त होंगी। उन्होंने नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन (एनसीएमएम) के लक्ष्यों के साथ इस पहल के मेल को भी रेखांकित किया।

ब्रिटेन की राज्य सचिव यवेट कूपर ने कहा कि इस वैश्विक स्तर पर आपूर्ति श्रृंखला की निरंतरता और पारदर्शिता दोनों देशों के आर्थिक विकास और सुरक्षा के लिए अनिवार्य है। बेहतर जानकारी के आदान-प्रदान से महत्वपूर्ण संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी और हरित एवं टिकाऊ विकास को गति मिलेगी। उन्होंने भारत-ब्रिटेन साझेदारी को इस क्षेत्र में रणनीतिक एवं दीर्घकालिक सहयोग का आधार बताया।

यह पहल टेक्समिन (टेक्नोलॉजी इनोवेशन इन एक्सप्लोरेशन एंड माइनिंग फाउंडेशन) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) ISM धनबाद तथा कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के सहयोग से विकसित एक डेटा-चालित प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य विश्वव्यापी जरूरी मिनरल्स की आपूर्ति श्रृंखला का निगरानी, विश्लेषण व जोखिम मूल्यांकन करना है।

इस पहल की घोषणा अक्टूबर 2025 में भारत एवं ब्रिटेन के प्रधानमंत्रियों के बीच हुई वार्ता के दौरान की गई थी और मार्च 2026 में एक अनुसंधान सहयोग समझौते के तहत इसे औपचारिक रूप दिया गया। इस कार्यक्रम में दोनों देशों के कई वरिष्ठ अधिकारी, शोधकर्ता तथा उद्योग जगत के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

आईआईटी (ISM) धनबाद के निदेशक और टेक्समिन के गवर्निंग बोर्ड के चेयरमैन सुकुमार मिश्रा ने इस पहल के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह भारत की क्षमताओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप सुदृढ़ करने में मदद करेगा और क्रिटिकल मिनरल की आपूर्ति श्रृंखलाओं को अधिक विश्वसनीय एवं लचीला बनाएगा।

इस ऑब्जर्वेटरी के इंटरैक्टिव डेमोंस्ट्रेशन को टेक्समिन और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिससे नीति निर्धारकों, उद्योग एवं शोध समुदाय को निर्णय लेने में सहजता और बेहतर दिशा मिलेगी।

संक्षेप में, यह वैश्विक प्लेटफॉर्म भारत-ब्रिटेन के बीच रणनीतिक खनिज सहयोग को दृढ़ करते हुए प्राकृतिक संसाधनों के सतत एवं सुरक्षित प्रबंधन में नई दिशा प्रदान करेगा। इससे दोनों देशों के आर्थिक, पर्यावरणीय और तकनीकी लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।

Source

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)

Don't Miss

{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}