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इन 10 मिडसाइज SUV को खरीदने के लिए शोरूम में लगी भीड़, Hyryder की बंपर सेल

बीते जून की टॉप 10 मिडसाइज एसयूवी की लिस्ट में हुंडई क्रेटा पहले स्थान पर रही। इसके बाद महिंद्रा स्कॉर्पियो, टोयोटा अर्बन क्रूजर हाइराइडर, मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा, महिंद्रा एक्सयूवी700, किआ सेल्टॉस, महिंद्रा एक्सईवी 9ई, टाटा कर्व, होंडा एलिवेट और टाटा हैरियर जैसी गाड़ियां रहीं

भारतीय ऑटोमोबाइल मार्केट में कॉम्पैक्ट एसयूवी के साथ ही मिडसाइज़ एसयूवी सेगमेंट की गाड़ियों का क्रेज भी जबरदस्त है। इस सेगमेंट की गाड़ियां न केवल ग्राहकों को स्टाइल, स्पेस और परफॉरमेंस का सही कॉम्बिनेशन पेश करती है, बल्कि इसमें लगातार एक के बाद एक नए मॉडल आ रहे हैं, जिससे कॉम्पिटिशन काफी बढ़ गया है। बीते जून में टॉप 10 मिडसाइज एसयूवी सेगमेंट में हुंडई क्रेटा का कहर दिखा और बाकी सारी गाड़ियां क्रेटा से पिछड़ गईं। हालांकि, क्रेटा की बिक्री में गिरावट आई है। वहीं, महिंद्रा की सारी एसयूवी की बिक्री सालाना तौर पर बढ़ी है। आइए, आपको बताते हैं कि बीते जून में टॉप 10 में कौन-कौन सी कारें रहीं और इनकी बिक्री में इजाफा हुआ या कमी आई।

जून 2025 में बिक्री: 15,786 यूनिट्स (3 फीसदी गिरावट)
जून 2024 में बिक्री: 16,293 यूनिट्स
हुंडई क्रेटा ने एक बार फिर मिड-साइज़ एसयूवी सेगमेंट में अपनी टॉप पोजिशन बरकरार रखी। हालांकि, इसे पिछले साल जून की तुलना में 3 फीसदी की गिरावट का सामना करना पड़ा है। 15,786 यूनिट्स की बिक्री के साथ क्रेटा पिछले महीने अपनी फीचर्स, डिजाइन और अलग-अलग पावरट्रेन ऑप्शन के कारण ग्राहकों की फेवरेट रही।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )

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{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}