• Thu. Jan 29th, 2026

ग्रेटर नोएडा: न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत में उमड़ी भीड़

ByAnkshree

Dec 14, 2025
सूरजपुर जिला न्यायालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश अतुल श्रीवास्तव ने किया। लोक अदालत में आपसी सुलह से आपराधिक, पारिवारिक, मोटर दुर्घटना, बिजली-पानी बिल, एनआई एक्ट व अन्य सुलह योग्य मामलों का निस्तारण किया गया।

सूरजपुर स्थित जिला न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश गौतम बुद्ध नगर अतुल श्रीवास्तव द्वारा किया गया। इस मौके पर जिला दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमेंद्र भाटी, सचिव अजीत नागर, न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में वादकारी उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी सुलह-समझौते से निस्तारण योग्य मामलों को प्राथमिकता दी गई। इसमें विशेष रूप से आपराधिक शमनीय वाद, पारिवारिक विवाद, मोटरयान दुर्घटना अधिनियम से जुड़े दावे, बिजली एवं पानी के बिलों से संबंधित विवाद, धारा-138 एनआई एक्ट के मामले, भू-राजस्व वाद, सेवा संबंधी प्रकरण, प्री-लिटीगेशन केस सहित अन्य सुलह योग्य मामलों का निस्तारण किया गया। 

दोनों पक्षों की सहमति से कई लंबित मामलों का मौके पर ही समाधान हुआ, जिससे न्यायालयों पर बढ़ते बोझ में कमी आई। अपर जिला जज/सचिव (पूर्णकालिक) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गौतमबुद्धनगर चंद्र मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आमजन को सुलभ, त्वरित एवं कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में निस्तारित मामलों में किसी प्रकार की अपील का प्रावधान नहीं होता, जिससे पक्षकारों को स्थायी समाधान मिलता है और समय की भी बचत होती है।

लोक अदालत के दौरान जिला न्यायालय एवं तहसील स्तर पर हेल्प डेस्क भी स्थापित की गईं, जहां संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। हेल्प डेस्क के माध्यम से वादकारियों को उनके मामलों की जानकारी देने, आवश्यक कागजात तैयार कराने और सुलह प्रक्रिया में सहयोग किया गया। इससे दूर-दराज से आए लोगों को भी काफी सुविधा मिली। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आमजन से अपील की गई कि वे लोक अदालत जैसी वैकल्पिक विवाद निस्तारण प्रणाली का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। 

ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर विनय तोमर ने बताया कि जिला न्यायालय में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान ट्रैफिक पुलिस की ओर से वाहन चालानों के निस्तारण के लिए अलग से हेल्पडेस्क लगाई गई। हेल्पडेस्क पर सुबह से ही लोगों की भीड़ देखी गई, जहां कम राशि का जुर्माना लगाकर या आपसी सहमति से कई मामलों का मौके पर ही निपटारा किया गया। लोक अदालत में बिना हेलमेट वाहन चलाना, सीट बेल्ट नहीं लगाना, ट्रैफिक सिग्नल तोड़ना, गलत पार्किंग, प्रदूषण प्रमाणपत्र (पीयूसी) नहीं होना, बीमा समाप्त होना जैसे मामलों की सुनवाई की गई।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )