सिविल हॉस्पिटल मांडीखेड़ा की प्रयोगशाला में एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम के तहत मरीजों के लिए माइक्रोबायोलॉजी विभाग द्वारा कल्चर जांच की सुविधा शुरू कर दी गई है। इस नई सुविधा के आरंभ होने से अब न केवल मरीजों के विभिन्न प्रकार के सैंपलों की जांच संभव होगी, बल्कि पानी के सैंपलों का भी कल्चर टेस्ट किया जाएगा। इससे संक्रमण से जुड़ी बीमारियों का समय रहते सटीक पहचान कर उचित उपचार सुनिश्चित किया जा सकेगा।
जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस सुविधा का लाभ केवल सिविल हॉस्पिटल मांडीखेड़ा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आसपास के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के मरीजों को भी इसका सीधा फायदा मिलेगा। गौरतलब है कि एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम भारत सरकार द्वारा वर्ष 2004 में शुरू किया गया एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रम है। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. मनप्रीत ने बताया कि सिविल सर्जन डॉ. सर्वजीत थापर, उप सिविल सर्जन डॉ. विशाल सिंगला के अथक प्रयासों से जिले की लैब में यह महत्वपूर्ण सुविधा शुरू हो पाई है।