दिल्ली सरकार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन के अवसर पर गुरुवार से राजधानी में 100 अटल कैंटीन की शुरुआत करने जा रही है। इन कैंटीनों में लोगों को मात्र 5 रुपये में पूरा भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता गुरुवार को इन कैंटीनों का औपचारिक उद्घाटन करेंगी। सरकार का अनुमान है कि इस योजना से प्रतिदिन लगभग एक लाख दिल्लीवासियों को लाभ मिलेगा। इसके लिए सरकार ने 100 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है।
शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने बताया कि कुल 100 अटल कैंटीन खोली जानी हैं। हालांकि ग्रैप-4 की पाबंदियों के कारण कुछ स्थानों पर काम पूरा नहीं हो सका है, फिर भी प्रयास किया जा रहा है कि गुरुवार से सभी कैंटीनों में भोजन वितरण शुरू हो जाए। उन्होंने जानकारी दी कि दोपहर का भोजन सुबह 11:30 बजे से दोपहर 2 बजे तक और रात्रि भोजन शाम 6:30 बजे से रात 9 बजे तक उपलब्ध रहेगा।
अधिकारियों के अनुसार, प्रत्येक कैंटीन में रोजाना करीब 1,000 लोगों को भोजन कराया जाएगा, जिसमें 500 लोग दोपहर और 500 लोग रात के समय भोजन कर सकेंगे। एक व्यक्ति दोबारा भोजन न ले सके, इसके लिए बायोमेट्रिक और टोकन आधारित व्यवस्था लागू की गई है। भोजन वितरण ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर होगा। निगरानी के लिए सभी कैंटीनों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
अटल कैंटीन में भोजन पकाने की अनुमति नहीं होगी। इसके लिए सेंट्रलाइज्ड किचन की व्यवस्था की गई है। पांच-पांच कैंटीन को मिलाकर एक क्लस्टर बनाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर एक सर्विस प्रोवाइडर को एक से अधिक क्लस्टर सौंपे जा सकते हैं। भोजन में मौसमी सब्जी, दाल, चावल, रोटी या चपाती और अचार शामिल होगा। कभी-कभी चावल के साथ राजमा या छोले भी परोसे जाएंगे। प्रत्येक थाली में करीब 600 ग्राम भोजन दिया जाएगा।
अटल कैंटीन के लिए राजधानी के कई प्रमुख इलाकों को चुना गया है, जिनमें शाहबाद दौलतपुर, संजय कैंप बादली, खड्डा बस्ती समयपुर बादली, जहांगीरपुरी झुग्गी बस्ती, शालीमार बाग, तिमारपुर की इंदिरा बस्ती, लाल बाग, भीमनगर, उद्योग नगर, महिपालपुर का अर्जुन कैंप, ईस्ट सागरपुर, विकासपुरी का इंदिरा कैंप और वसंत विहार का भंवर सिंह कैंप शामिल हैं।