Report By : ICN Network
दिल्ली विधानसभा के लिए बुधवार को पिछले तीन चुनावों से कम 60.44 फीसदी मतदान हुआ। मैट्रिज के सर्वेक्षण के अनुसार, भाजपा 35-40 सीट जीतकर सरकार बना सकती है। वहीं, आप को 32 से 37 और कांग्रेस को शून्य से एक सीट मिलने का अनुमान है
दिल्ली में बुधवार को मतदान संपन्न होने के बाद, विभिन्न सर्वे एजेंसियों ने एग्जिट पोल के आंकड़े जारी किए, जिनके अनुसार भाजपा की सत्ता में वापसी के अनुमान जताए गए हैं। यह अनुमान लगभग 26 साल बाद भाजपा के सत्ता में लौटने की संभावना को दिखाते हैं। करीब 10 में से आठ एग्जिट पोल में भाजपा को बहुमत मिलने का अनुमान है, जबकि दो में आम आदमी पार्टी (AAP) को बहुमत मिलने का दावा किया गया है। वहीं, कांग्रेस को इस बार भी विशेष लाभ नहीं दिख रहा, और अधिकांश एग्जिट पोल में उसे शून्य से तीन सीटें ही मिलने का अनुमान है। दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे 8 फरवरी को घोषित होंगे
इस बीच, एग्जिट पोल के बारे में आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अगर भाजपा एग्जिट पोल से खुश है, तो उन्हें अपना मुख्यमंत्री भी चुन लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि एग्जिट पोल का असर सिर्फ एक दिन तक रहता है, क्योंकि परिणाम दो दिन में आ जाएंगे और अरविंद केजरीवाल ही मुख्यमंत्री बनेंगे और आम आदमी पार्टी की सरकार बनेगी
आप सांसद संजय सिंह ने एग्जिट पोल पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “अगर मसाज और स्पा कंपनियां एग्जिट पोल करेंगी, तो आप समझ सकते हैं कि उनका क्या हाल होगा।” उन्होंने यह भी कहा कि इस बार दिल्ली की जनता ने उनके शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और पानी के मुद्दों को स्वीकार किया है और 8 फरवरी को परिणाम साफ हो जाएंगे
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने एग्जिट पोल पर कहा कि पिछले पांच सालों में सिर्फ बहाने सुनने को मिले और अरविंद केजरीवाल ने खुद कहा था कि अगर यमुना साफ नहीं कर पाए, तो उन्हें वोट न दिया जाए। इस बार दिल्ली की जनता ने डबल इंजन वाली भाजपा सरकार को चुना है
भा.ज.पा. सांसद रवि किशन ने कहा कि दिल्ली की जनता ने प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी पर विश्वास किया है। वे मानते हैं कि एग्जिट पोल से भी बेहतर नतीजे आएंगे और आप का घमंड टूट चुका है
वहीं, कांग्रेस उम्मीदवार संदीप दीक्षित ने कहा कि एग्जिट पोल आम आदमी पार्टी को कम आंक रहे हैं। उन्हें नहीं लगता कि अगर रुझान वैसा ही रहा जैसा दिखाया जा रहा है, तो उनकी स्थिति इतनी खराब होगी। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को 17-18% वोट शेयर मिल रहा था, और यह देखना होगा कि क्या पार्टी ने यह वोट हासिल किया या फिर कुछ कमजोरियां रही
इस प्रकार, एग्जिट पोल के आंकड़े और बयान चुनाव परिणामों से पहले ही राजनीति में गर्माहट बढ़ा रहे हैं और अब सबकी नजरें 8 फरवरी के परिणामों पर हैं

