Report By : ICN Network
नई दिल्ली — दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बुधवार को चिराग दिल्ली स्थित सर्वोदय कन्या विद्यालय में आयोजित ओरिएंटेशन कार्यक्रम में भाग लेते हुए कहा कि दिल्ली सरकार अपने स्कूलों में किसी भी प्रकार की कमी या भेदभाव की गुंजाइश नहीं छोड़ेगी। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने नवप्रवेशित नर्सरी, केजी और कक्षा 1 के विद्यार्थियों के अभिभावकों से संवाद किया और उन्हें आश्वस्त किया कि उनके बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और समग्र विकास सरकार की प्राथमिकता है।
इस अवसर पर शिक्षा निदेशक, स्कूल की प्रधानाचार्या, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे। मंत्री सूद ने कहा कि ओरिएंटेशन कार्यक्रम का उद्देश्य माता-पिता और विद्यालय के बीच संवाद स्थापित करना है ताकि वे न सिर्फ स्कूल के माहौल को समझ सकें बल्कि निःसंकोच प्रिंसिपल और शिक्षकों से संवाद कर सकें। उन्होंने कहा कि “माता-पिता को यह जानकारी होनी चाहिए कि उनका बच्चा स्कूल में कैसा वातावरण पा रहा है, वहां उसके साथ किस तरह का व्यवहार हो रहा है और क्या वह पूरी तरह सुरक्षित है।”
सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता पर उठे भ्रम को किया खारिज
शिक्षा मंत्री सूद ने इस दौरान यह भी कहा कि बीते कुछ वर्षों में यह धारणा बन गई है कि सरकारी स्कूल, निजी स्कूलों से किसी स्तर पर कम हैं। उन्होंने इस सोच को गलत बताते हुए कहा कि “चालीस साल पहले दिल्ली के सरकारी स्कूलों से डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, कलाकार और वैज्ञानिक निकलते थे। आज भी ये स्कूल उतने ही सक्षम हैं, बस लोगों की मानसिकता में बदलाव लाने की जरूरत है।”
उन्होंने आगे बताया कि दिल्ली सरकार आने वाले पांच वर्षों में सरकारी स्कूलों में तकनीकी संसाधनों का बड़ा विस्तार करेगी। स्मार्ट क्लासरूम, एआई आधारित शिक्षा तकनीक और उन्नत कंप्यूटर लैब जैसी सुविधाएं हर स्कूल में उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसका उद्देश्य छात्रों को न केवल वर्तमान शिक्षा प्रणाली से जोड़े रखना है, बल्कि उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार करना है।
मंत्री ने यह भी कहा कि बच्चों के समग्र विकास के लिए सरकार कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है, जिससे अभिभावकों को आर्थिक बोझ से राहत मिलती है और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलती है।

