नई दिल्ली: साइबर अपराध के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने दो दिन तक चले विशेष अभियान ‘CyHawk 2.0’ के तहत जोरदार कार्रवाई की। दिल्ली-एनसीआर समेत कई इलाकों में एक साथ की गई छापेमारी में पुलिस ने 7015 संदिग्धों से पूछताछ की। 48 घंटे के इस अभियान में 1146 लोगों को गिरफ्तार या बाउंड डाउन किया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पिछले महीने चलाए गए ‘CyHawk 1.0’ की तुलना में इस बार कार्रवाई का दायरा कहीं ज्यादा रहा। दोगुने आरोपियों के खिलाफ कानूनी कदम उठाए गए, 163 प्रतिशत अधिक संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और 125 प्रतिशत ज्यादा मामले दर्ज किए गए। इसके साथ ही नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज शिकायतों को आपस में जोड़ने में भी सफलता मिली, जहां 110 प्रतिशत अधिक मामलों को लिंक किया गया।
पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी से जुड़े पैसों के लेन-देन में इस्तेमाल होने वाले म्यूल अकाउंट्स, बिचौलिए हैंडलर्स और अवैध वित्तीय नेटवर्क को निशाने पर लिया गया। इसी रणनीति के तहत 10 और 11 दिसंबर को करीब 5,000 पुलिसकर्मियों ने दिल्ली और अन्य राज्यों में एक साथ छापेमारी की।
दिल्ली के पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा ने कहा कि साइबर फ्रॉड के खिलाफ दिल्ली पुलिस पूरी तरह गंभीर है और अपराध की जड़ तक पहुंचकर उसे खत्म करना हमारा लक्ष्य है। साइबर अपराधियों को सहारा देने वाले वित्तीय नेटवर्क पर सीधा प्रहार कर यह सुनिश्चित किया गया है। साइबर सुरक्षित दिल्ली और साइबर रेसिलिएंट भारत बनाने के लिए दिल्ली पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है।