1400 वर्ष पुराने गुरु गोरख नाथ एवं सिद्ध रतन नाथ के ऐतिहासिक मंदिर की भूमि के संरक्षण और तत्काल वापसी की मांग को लेकर फरीदाबाद के भक्त एकजुट हो गए हैं। भक्तों ने इस स्थल को अमूल्य धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत बताते हुए किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ का कड़ा विरोध जताया है।
इसी क्रम में फरीदाबाद स्थित बाबा पीर रतन नाथ मंदिर-दरगाह से सैकड़ों श्रद्धालुओं ने रविवार को शांति प्रार्थना प्रदर्शन के लिए एक यात्रा निकाली। यह यात्रा फरीदाबाद से प्रारंभ होकर दिल्ली के झंडेवालान मंदिर तक निकाली गई। यात्रा के दौरान श्रद्धालु हाथों में धार्मिक ध्वज और आस्था से जुड़े संदेश लिए शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ते रहे।
भक्तों का कहना है कि यह भूमि अचल संपत्ति नहीं, बल्कि आस्था और परंपरा की प्रतीक है, जिसे संरक्षित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मंदिर की जमीन पर चल रही या प्रस्तावित किसी भी प्रकार की ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को तुरंत रोका जाए और इस पावन भूमि को उसके वास्तविक श्रद्धालुओं को शीघ्र वापस किया जाए।
बताया गया कि 29 नवंबर को झंडेवालान, नई दिल्ली में डीडीए एवं एमसीडी द्वारा चलाए गए अतिक्रमण अभियानों के विरोध में यह शांति प्रार्थना प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न स्थानों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भाग लिया। वहां अन्य क्षेत्रों से आए भक्त भी यात्रा में शामिल हुए और सनातन धर्म स्थलों की रक्षा का संकल्प लिया।