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धारावी पुनर्विकास होगा सिंगापुर और हांगकांग मॉडल पर, कहे सीएम देवेंद्र फडणवीस

Dharavi Redevelopment to Be Modelled on Singapore and Hong Kong, Says CM Devendra Fadnavis

धारावी पुनर्विकास परियोजना: सिंगापुर और हांगकांग के आधुनिक शहर विकास मॉडल पर आधारित होंगे प्रयास

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि धारावी पुनर्विकास परियोजना को सिंगापुर और हांगकांग के आधुनिक आवासीय विकास मॉडलों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इस परियोजना में धारावी के निवासियों के हितों, आजीविका और उनकी अनूठी पहचान को प्रमुखता दी जाएगी।

सह्याद्री गेस्ट हाउस में धारावी पुनर्विकास परियोजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए फडणवीस ने अधिकारियों और परियोजना डेवलपर्स को निर्देश दिया कि वे पुनर्विकास कार्य को आधुनिक आवास योजनाओं की तर्ज पर तैयार करें, साथ ही धारावी की सामाजिक, सांस्कृतिक तथा आर्थिक विशिष्टताओं को संरक्षित रखें।

फडणवीस ने स्पष्ट किया कि धारावी पुनर्विकास केवल निर्माण कार्य नहीं बल्कि एक व्यापक विकास कार्यक्रम है, जिसमें धारावी के नागरिक केंद्र में होंगे। उन्होंने कहा कि परियोजना का मुख्य उद्देश्य सामाजिक कल्याण होना चाहिए और वाणिज्यिक विकास केवल माध्यमिक प्राथमिकता पर रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि धारावी में वर्तमान रोजगार और जीविका के अवसरों की सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यह क्षेत्र अपने औद्योगिक और सामाजिक तंत्र के कारण विशिष्ट है।

धारावी की विरासत और स्थानीय उद्योगों का संरक्षण

फडणवीस ने धारावी के प्रसिद्ध कुम्भरवाड़ा मृत्तिका उद्योग की महत्ता बताई और इसे मुंबई के सांस्कृतिक और पर्यटन क्षेत्र की एक अभिन्न धरोहर बताया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सभी हितधारकों से परामर्श कर इसमें क्षेत्र की विशिष्टता बनाए रखने हेतु समाधान विकसित करें।

परियोजना में एक प्रकृति उद्यान भी शामिल होगा, साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण अभियान और वृक्षों के प्रत्यारोपण के उपाय किए जाएंगे, जिससे पर्यावरणीय संतुलन कायम रह सके।

2028 तक 10,000 घरों का निर्माण लक्ष्य

फडणवीस ने इस पुनर्विकास को महाराष्ट्र के सबसे महत्वाकांक्षी शहरी नवीनीकरण परियोजनाओं में से एक बताते हुए कहा कि 2028 तक कम से कम 10,000 पात्र निवासियों को आवास उपलब्ध कराना प्राथमिकता होगी। इसके लिए एक विशेष सुविधा केंद्र भी स्थापित किया जाएगा जो परियोजना हेतु आवश्यक अनुमतियों को शीघ्रता से प्राप्त करने में सहायक होगा।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि पुनर्वासीय आवास, अवसंरचना विकास, रेलवे भूमि पुनर्विकास, पर्यावरण मंजूरियां और स्थानांतरण गतिविधियाँ चरणबद्ध तरीके से चल रही हैं तथा इसके लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन भी उपलब्ध हैं।

एमएसएमई और महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान

परियोजना प्राधिकरण ने बताया कि रोजगार सृजन, महिलाओं के सशक्तिकरण तथा धारावी के लघु उद्योगों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रमुख क्षेत्रों जैसे चमड़ा निर्माण, वस्त्र, पुनर्चक्रण, मिट्टी के बर्तन और खाद्य प्रसंस्करण के लिए विशेष MSME सहायता योजनाएं बनाई जा रही हैं।

साथ ही आधुनिक क्लाउड किचन स्थापित करने की भी योजना है ताकि क्षेत्र के खाद्य व्यवसायों को समर्थन मिल सके।

पात्र निवासियों को आधुनिक आवास मुहैया कराए जाएंगे जिनमें अलग-अलग रसोई, बेडरूम, शौचालय तथा बेहतर प्राकृतिक प्रकाश व्यवस्था होगी। महिलाओं के लिए समर्पित स्वच्छता सुविधाएँ भी पुनर्विकास योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगी।

भारत का पहला मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब धारावी में

इस परियोजना की एक मुख्य विशेषता भारत का पहला अत्याधुनिक मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब होगा, जो पश्चिमी, मध्य और हार्बर रेलवे लाइनों के साथ विभिन्न मेट्रो कॉरिडोर को एकीकृत करेगा। भविष्य में मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन से भी कनेक्टिविटी की संभावना पर विचार किया जा रहा है।

हब में एक सिटी चेक-इन सुविधा भी होगी, जहां एयरलाइन यात्रियों को एयरपोर्ट पहुंचने से पहले ही धारावी में अपना सामान चेक-इन करने की सुविधा मिलेगी, जैसा सिंगापुर और हांगकांग में है। साथ ही जलमार्ग से एयरपोर्ट तक तेज नाव सेवा और हवाई टैक्सी के लिए वर्टिपोर्ट का विकास भी प्रस्तावित है, जो रेल, मेट्रो, सड़क, जल और हवाई परिवहन के बेहतर समन्वय को सुनिश्चित करेगा।

बीकेसी-धारावी कॉरिडोर का अंतरराष्ट्रीय स्वरूप

बंदर कूरला कॉम्प्लेक्स (BKC) और धारावी के बीच के मार्ग को भी इस परियोजना के तहत खूबसूरत बनाया जाएगा। इसमें हरित बुलवार्ड, पैदल यात्रियों के लिए सुविधाजनक अवसंरचना, और आधुनिक शहरी डिजाइन शामिल होंगे। मौजूदा बस डिपो की भूमि को आधुनिक आवासीय एवं व्यावसायिक परिसरों में बदला जाएगा।

अधिकारियों का कहना है कि यह परिवर्तन धारावी और BKC को जोड़ने वाले एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के शहरी जिले का निर्माण करेगा।

परियोजना की अवधि और प्रगति

पुनर्वासीय भवनों का निर्माण धारावी में 42 महीनों के भीतर और माटुंगा में 39 महीनों के भीतर पूरा किया जाना अपेक्षित है। मार्च 2028 तक परियोजना का पहला चरण पूरा करके हस्तांतरण करना लक्ष्य है, जबकि पूर्ण परियोजना 10 वर्षों के भीतर समाप्त हो जाएगी।

समीक्षा बैठक में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, धारावी पुनर्विकास परियोजना के प्रतिनिधि, नगर प्रशासन और अदानी समूह के कार्यकारी भी उपस्थित थे।

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By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)