मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया 10 दिन बढ़ाई गई, महाराष्ट्र में धीमी प्रगति के कारण विस्तार
चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र में चल रही चुनावी मतदाता सूची के विशेष समेकित संशोधन की समयसीमा को 10 दिन के लिए बढ़ा दिया है। मूल रूप से यह कार्य 29 जुलाई को पूरा होना था, जिसे अब 8 अगस्त तक पूर्ण किया जाएगा। यह निर्णय राज्य में अपेक्षित गति से काम न चलने के कारण लिया गया है।
संशोधित कार्यक्रम के तहत मतदाता सूची का प्रारूप 5 अगस्त के बजाय 17 अगस्त को प्रकाशित किया जाएगा। उसके बाद एक माह का समय दिया जाएगा, जिसमें मतदाता अपनी दावों और आपत्तियों को 17 अगस्त से 16 सितम्बर तक प्रस्तुत कर सकेंगे।
सभी दावों और आपत्तियों को 15 अक्टूबर तक जांचा और निपटाया जाएगा। सत्यापन और सुधार प्रक्रिया के पूरा होने के बाद अंतिम मतदाता सूची 19 अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी।
महाराष्ट्र चुनाव अधिकारियों ने बारिश के कारण जुलाई के पहले सप्ताह में क्षेत्रीय कार्य प्रभावित होने के चलते यह विस्तार मांगा था। महाराष्ट्र के संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोहर पारकर ने बताया कि अन्य राज्यों को भी समान अतिरिक्त समय दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के कई हिस्सों में संतोषजनक प्रगति हुई है, पर मुंबई और ठाणे जैसे बड़े शहरी केंद्रों में कार्य धीमा है। मुंबई महानगरीय क्षेत्र में प्रगति की कमी पर विशेष चिंता व्यक्त की गई है।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र के केवल 35.16 प्रतिशत मतदाता इस गणना प्रक्रिया में शामिल किए गए हैं। मुंबई उपनगर में केवल 8.38 प्रतिशत, ठाणे में 8.41 प्रतिशत और मुंबई शहर में 15.36 प्रतिशत मतदाताओं का सत्यापन हुआ है।
परिस्थितियों में देरी के लिए मौसम संबंधी, प्रशासनिक और जनसांख्यिकीय कारण जिम्मेदार हैं। कई जगह निर्वाचन रिकॉर्ड गायब पाए गए हैं, और प्रवासन व आवास परिवर्तन का कारण मतदाता सत्यापन जटिल हो गया है। पुनर्विकास कार्याधीन क्षेत्रों में पते बदल गए या अस्थायी रूप से स्थानांतरित हुए हैं, जिससे मतदाताओं का पता लगाना कठिन हुआ है। एकाधिक आवास वाले मतदाताओं की जांच के लिए अतिरिक्त समुचित समीक्षा की आवश्यकता पड़ी है, जिससे सत्यापन प्रक्रिया धीमी रही है।
मतदाता सूची की गणना के लिए बूथ स्तर के अधिकारियों पर भारी कार्यभार है। इनमें से कई शिक्षक हैं, जो चुनावी कार्य को अपनी नियमित ड्यूटी के साथ करते हैं। इसलिए, गहन आबादी वाले क्षेत्रों में मतदाता सत्यापन, दस्तावेजी जांच और विवरण सुधार की गति धीमी रही है। नई समयसीमा के तहत, योग्य मतदाताओं की पहचान और जानकारी की पुष्टिकरण के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। मुंबई, ठाणे एवं अन्य कम गति वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा ताकि प्रारूप सूची को निर्धारित तिथि से पहले तैयार किया जा सके।