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भूमि अधिग्रहण घोटाले पर ईडी का कार्रवाई, छत्तीसगढ़ में आठ जगह छापे

भूमि अधिग्रहण घोटाले पर ईडी का एक्शन, छत्तीसगढ़ में 8 ठिकानों पर छापे

भूमि अधिग्रहण घोटाले पर ईडी का बड़ा अभियान, छत्तीसगढ़ के आठ ठिकानों पर छापे

नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक गंभीर मामले में छत्तीसगढ़ के अभनपुर, रायपुर, धमतरी और कुरुद स्थित आठ परिसरों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया है। यह कार्रवाई भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर–विशाखापट्टनम हाईवे के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान कथित अवैध मुआवजा प्राप्त करने के आरोप में की गई है।

तलाशी के दौरान ईडी ने नकद 66.9 लाख रुपये, लगभग 37.13 किलोग्राम वजनी चांदी की ईंटें, अन्य चांदी के आभूषण, डिजिटल उपकरण तथा महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए। एजेंसी के मुताबिक ये सभी सामग्री वित्तीय अनियमितताओं और अवैध लेनदेन के सबूत हैं।

ईडी ने पीएमएलए, 2002 के तहत जांच आरंभ की थी, जो आर्थिक अपराध शाखा, रायपुर एवं एसीबी, रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर पर आधारित है। उक्त एफआईआर में तत्कालीन एसडीओ (राजस्व) निर्भय साहू एवं अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 तथा भारतीय दंड संहिता, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है।

जांच में सामने आया है कि सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से भूमि अधिग्रहण दस्तावेजों में हेरफेर किया गया, जिससे अधिक मुआवजा हासिल किया गया। आरोपियों ने लोक सेवकों और अन्य के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची। राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 की धारा 3ए की अधिसूचना के बाद भी जानबूझकर भूमि स्वामित्व को स्थानांतरित किया गया। इसके अतिरिक्त, धारा 3डी से पहले भूमि को छोटे हिस्सों में बांटकर मुआवजे की राशि बढ़ाने का प्रयास किया गया।

ईडी ने बताया कि संशोधित खसरा रिकॉर्ड के आधार पर मुआवजा मंजूर और वितरित किया गया, जो वास्तविक मूल्य से अधिक था। इस अतिरिक्त धनराशि को ‘अपराध की आय’ माना गया जिसने सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया और आरोपियों को अवैध लाभ दिया।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मामला व्यापक जांच के दायरे में है और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों व नेटवर्क की पहचान की जा रही है। ईडी इस मामले की गहन पड़ताल जारी रखेगी।

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By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)