प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने महाराष्ट्र के अलीबाग में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत करीब 88.47 एकड़ जमीन को अस्थायी रूप से अटैच किया है। इस जमीन की मौजूदा कीमत लगभग ₹336 करोड़ बताई गई है।
यह कार्रवाई Jai Corp Limited और उससे जुड़े कुछ अन्य संस्थानों के खिलाफ चल रही जांच का हिस्सा है। कंपनी का संबंध कारोबारी आनंद जैन से बताया गया है। मामले में Urban Infrastructure Venture Capital Fund और उससे जुड़ी संस्थाएं भी जांच के दायरे में हैं।
ED के मुताबिक, इस मामले की शुरुआत CBI की एक FIR से हुई थी। यह FIR बॉम्बे हाई कोर्ट के जनवरी 2025 के आदेश के बाद दर्ज की गई थी। जांच में कथित वित्तीय गड़बड़ी, फंड के गलत इस्तेमाल और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े आरोपों को देखा जा रहा है।
जांच एजेंसी के अनुसार, Jai Corp ने 2006-07 के दौरान एक इंफ्रास्ट्रक्चर फंड शुरू किया था। इस फंड से निवेशकों से करीब ₹2,434 करोड़ जुटाए गए थे। बाद में इस रकम को देश के अलग-अलग रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स से जुड़ी कंपनियों में लगाया गया।
ED का आरोप है कि फंड की कुछ संपत्तियों की कीमत वास्तविक मूल्य से कम दिखाई गई। एजेंसी के अनुसार, इसी प्रक्रिया के जरिए निवेशकों को कम वैल्यू पर बाहर निकलने का विकल्प मिला और फंड से जुड़ी कुछ हिस्सेदारी कम कीमत पर हासिल की गई।
जांच में Neelkanth Township and Constructions Pvt Ltd का भी नाम सामने आया है। ED के मुताबिक, इस कंपनी में फंड की करीब ₹51 करोड़ की रकम लगाई गई थी, जिसका इस्तेमाल अलीबाग में जमीन खरीदने के लिए हुआ था। एजेंसी ने आरोप लगाया है कि बाद में इस निवेश की कीमत कम दिखाकर कुछ संबंधित संस्थाओं को फायदा पहुंचाया गया।
ED ने इस कथित लेनदेन से करीब ₹230 करोड़ की अपराध से जुड़ी कमाई होने का अनुमान लगाया है। इसी आधार पर जमीन को अटैच किया गया है, जिसकी आज की बाजार कीमत करीब ₹336 करोड़ बताई गई है।
इससे पहले भी ED इस मामले में तलाशी ले चुकी है। एजेंसी के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान करीब ₹1.86 करोड़ नकद मिला था, जबकि लगभग ₹99.47 करोड़ के डीमैट अकाउंट और म्यूचुअल फंड निवेश फ्रीज किए गए थे। मामले की जांच अभी जारी है।

