औद्योगिक क्षेत्र की दो कंपनियों ने अपने पूर्व फैक्टरी मैनेजर और एक ईंधन आपूर्तिकर्ता पर मिलीभगत कर 46 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। मामले में अदालत के आदेश पर सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने रविवार को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।मेसर्स केशो पैकेजिंग प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स केशोराम मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता हरि उपाध्याय का कहना है कि दोनों कंपनियां नालीदार बॉक्स निर्माण के व्यवसाय से जुड़ी हैं और उनके संयंत्र ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित हैं। विनोद गुप्ता वर्ष 2012 से कंपनी में फैक्ट्री में मैनेजर थे। दूसरी कंपनी में सलाहकार की भूमिका भी निभा रहे थे। उन्होंने ब्रिकेट (ठोस ईंधन) सप्लायर सुधीर अग्रवाल की सिफारिश करते हुए दावा किया था कि वह बाजार दर से कम कीमत और बेहतर गुणवत्ता का ईंधन उपलब्ध कराएंगे।
इसी भरोसे पर अगस्त 2022 से कंपनियों ने संबंधित सप्लायर से खरीद शुरू कर दी।विनोद गुप्ता की सेवा समाप्त होने के बाद सप्लायर सुधीर अग्रवाल ने अगस्त 2022 से अगस्त 2023 के बीच जारी चालानों में दरों के अंतर का हवाला देते हुए 46.43 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि की मांग शुरू कर दी। इसमें से 33.04 लाख रुपये एक कंपनी और 13.39 लाख रुपये दूसरी कंपनी के खाते में देनदारी के रूप में दर्शाए गए। यह राशि पूरी तरह अनुचित और अवैध है और उसका भुगतान करने की कोई बाध्यता नहीं बनती। 4 सितंबर 2023 को सुधीर अग्रवाल कंपनी के कार्यालय पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए मांग पूरी न करने पर जान से मारने की धमकी दी। दोनों आरोपियों ने आपसी साजिश के तहत कंपनियों को आर्थिक नुकसान पहुंचाने, खातों में हेरफेर करने और गलत तरीके से लाभ अर्जित करने का प्रयास किया। वहीं कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।

