दरअसल, एक इंटरव्यू के दौरान संजय राउत ने दावा किया था कि उनकी पार्टी आज भी “10 मिनट में मुंबई बंद कर सकती है” और इसे शिवसेना (यूबीटी) की बड़ी उपलब्धि बताया था। इस बयान के सामने आने के बाद सियासी हलकों में विवाद खड़ा हो गया।
राउत के इस दावे पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि वे ऐसी खोखली धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि राउत अपने घर के आसपास का इलाका भी बंद नहीं कर सकते। फडणवीस ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी ऐसे बयानों को गंभीरता से नहीं लेती।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जब एकनाथ शिंदे गुवाहाटी गए थे, तब भी शिवसेना (यूबीटी) की ओर से दावा किया गया था कि उन्हें मुंबई में घुसने नहीं दिया जाएगा। इसके बावजूद शिंदे 50 विधायकों के साथ मुंबई लौटे और बाद में सरकार का गठन हुआ। फडणवीस ने कहा कि उस दौरान वे और शिंदे मुंबई की सड़कों से होते हुए राजभवन पहुंचे थे।
फडणवीस ने यह भी स्वीकार किया कि दिवंगत शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे के समय में एक इशारे पर मुंबई बंद हो जाती थी, लेकिन मौजूदा शिवसेना (यूबीटी) में अब वह ताकत नहीं बची है। उन्होंने कहा कि संजय राउत रोज़ ऐसे ही बयान देते रहते हैं, जिनका ज़मीनी हकीकत से कोई लेना-देना नहीं है।
गौरतलब है कि मुंबई में 15 जनवरी को मतदान होना है और उससे पहले राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार तेज होता जा रहा है।

