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UP-नोएडा प्राधिकरण पर किसानों का हल्ला बोल प्रदर्शन जारी,किसानों की समस्या को लेकर 27 वे दिन धरना प्रदर्शन

यूपी के नोएडा में भारतीय किसान परिषद के तत्वाधान में नोएडा प्राधिकरण पर किसानों का धरना 27वें दिन भी जारी रहा। जैसे कि पहले ही पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि जल्द ही किसानों की वार्ता 10 परसेंट के मुद्दे व 5% मूल आबादी और अतिक्रमण के मुद्दों पर प्राधिकरण चेयरमेन से होगी ।

इसी के तहत रविवार को समिति के अध्यक्ष सुखबीर खलीफा के नेतृत्व में प्राधिकरण चेयरमेन से वार्ता हुई ।मुआवजे की फाइल विधि विभाग को भेजी गई।बैठक में चेयरमैन ने किसानों की मुख्य मांग 10% के मुद्दे को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि आपकी फाइल को विधि विभाग में कानूनी अमली जामा पहनाने के लिए व वित्तीय विभाग में गणना के लिए भेजा हुआ है । चेयरमैन ने कहा कि जो कार्य उनके हाथ में है, पर तत्काल प्रभाव से चर्चा करके धरातल पर उतरने के लिए तैयार हैं ।

किसान नेता ने दी सचिवालय की तालाबंदी की चेतावनीजैसे की मूल 5 परसेंट के प्लाट में कमर्शियल गतिविधि, 450 से हजार विनियमितीकरण व अतिक्रमण जैसे मुद्दे को गंभीरता से लिया । सीईओ से चर्चा करने के बाद उसे पर कार्य किया जाएगा । वहीं, सुखबीर खलीफा ने स्पष्ट शब्दों में चेयरमैन से कहा कि जब तक किसानों का समाधान नहीं हो जाएगा, धरना दिन प्रतिदिन संवैधानिक रूप से उग्र होता रहेगा । वह दिन भी दूर नहीं जब मिनी सचिवालय पर तालाबंदी भी की जा सकती है ।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )

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{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}