दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के लिए शुक्रवार को मतदान जारी रहा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने कुछ कॉलेजों में जीत हासिल करने का दावा किया है। इस बीच, एबीवीपी ने चुनाव में फर्जीवाड़े का गंभीर आरोप भी लगाया है। बता दें कि दिल्ली विश्वविद्यालय के केंद्रीय पदों के लिए मतगणना शनिवार को होगी।एबीवीपी के अनुसार, उन्हें भारती महाविद्यालय में हुए छात्रसंघ चुनाव में सभी आठ पदों पर जीत मिली है। छात्र संगठन ने अरविंदो मॉर्निंग कॉलेज में भी पूरी तरह जीत का दावा किया है। एबीवीपी ने आरोप लगाया कि फर्जी पहचान पत्र से वोट डालने की कोशिश की जा रही थी। दिल्ली विश्वविद्यालय के इवनिंग पाली में एलसी-1 पर एक छात्रा फर्जी पहचान पत्र के साथ पकड़ी गई। उसके पास से एक फर्जी पहचान पत्र बरामद हुआ, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने उसे हिरासत में लिया।
छात्रा से फिलहाल पूछताछ की जा रही है। छात्र संगठनों ने इसे चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का गंभीर प्रयास बताया है। उन्होंने मतदान की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक हुआ मतदानशुक्रवार को मॉर्निंग कॉलेजों में सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक मतदान हुआ। इसके बाद सांध्य कॉलेजों में दोपहर 3:00 बजे से शाम 7:30 बजे तक वोट डाले गए। डूसू चुनाव में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के चार प्रमुख पदों के लिए कुल 20 उम्मीदवार मैदान में थे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मतदान के लिए सभी तैयारियां पूरी करने का दावा किया। परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
विश्वविद्यालय में जगह-जगह सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नजर भी आए। प्रमुख पदों पर दावेदारइस बार डूसू चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए सबसे अधिक सात उम्मीदवार मैदान में थे। उपाध्यक्ष पद पर पांच उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे थे। सचिव और संयुक्त सचिव के लिए चार-चार उम्मीदवार मैदान में थे। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से अध्यक्ष पद पर यश डबास चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने विजय शंकर मीणा को उम्मीदवार बनाया है। वामपंथी छात्र संगठनों के गठबंधन ने भी चारों प्रमुख पदों पर दावेदारी पेश की है।

