सदन में हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह बेहद दुखद है कि नेता प्रतिपक्ष आतिशी लगातार तीसरे दिन भी सदन से गायब रहीं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी प्रदूषण जैसे गंभीर मुद्दे पर चर्चा नहीं करना चाहती और अगर हंगामा जारी रहा तो और कार्रवाई होगी। अध्यक्ष ने यह भी बताया कि सत्ता पक्ष की ओर से नियम 280 पर चर्चा के लिए 16 सदस्यों के नाम आए, जबकि आप की ओर से केवल एक नाम दिया गया, जो विपक्ष की उदासीनता दिखाता है। धन्यवाद प्रस्ताव में निशाने पर पिछली सरकार
धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष के कई विधायकों ने पिछली सरकारों पर निशाना साधा। कुलवंत राणा ने कहा कि दिल्ली का स्वरूप बिगाड़ने में कांग्रेस की बड़ी भूमिका रही और 1958 में बना डीडीए जनहित के बजाय व्यापारिक संस्था बन गया। भाजपा सरकार के दौर में मेट्रो आई और सड़कों में सुधार हुआ, लेकिन 11 साल की आम आदमी पार्टी सरकार ने दिल्ली को बर्बाद कर दिया। रवि कांत ने कहा कि उपराज्यपाल ने विकसित दिल्ली का स्पष्ट ब्लूप्रिंट दिया है। अनिल कुमार शर्मा ने कहा कि पिछली सरकार ने ऑड-ईवन, स्मॉग टावर और रेड लाइट ऑन-गाड़ी ऑफ जैसे अभियानों पर भारी प्रचार किया, जबकि मौजूदा सरकार ने 11 महीनों में प्रदूषण के खिलाफ जमीन पर काम किया। उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट ने कहा कि एलजी के सहयोग से भाजपा सरकार ने दस महीनों में दिल्ली के विकास को गति दी है। विपक्ष की ओर से अनिल झा और विरेंद्र सिंह काद्यान ने सरकार पर सवाल उठाए और आयुष्मान कार्ड, स्कूल, बसों, पानी और कूड़े के पहाड़ों को लेकर आंकड़े मांगे। संजय गोयल ने जवाब में कहा कि एलजी ने 70 बिंदुओं में 70 काम गिनाए हैं और दिल्ली को लूटकर बाहर चुनाव लड़ने वालों पर जनता ने भरोसा तोड़ा है।

