नोएडा शहर में दो और अवैध कॉल सेंटरों का खुलासा हुआ है। कमिश्नरेट पुलिस ने ऑपरेशन साइ वज्र के तहत कार्रवाई कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों सेंटरों से मिलाकर 1000 लोगों से करोड़ों की ठगी की गई। दोनों मामलों में दो महिलाओं को हिरासत में लिया था। जिन्हें छोड़ दिया गया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सेक्टर-2 में करीब तीन माह से संचालित किए जा रहे कॉल सेंटर में इंडिगो एयरलाइंस में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी की जा रही थी। वहीं सेक्टर-6 में करीब दो माह से कॉल सेंटर चलाया जा रहा था। जहां बीमा पॉलिसी मैच्योर कराने और एलआईसी पॉलिसी का पैसा दिलाने के नाम पर लोगों से जालसाजी की जा रही थी। सेक्टर-2 में इंडिगो एयरलाइंस में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले अवैध कॉल सेंटर से पुलिस ने दो आरोपियों मोहित कुमार और आदेश यादव को गिरफ्तार किया है। गिरोह का सरगना सोनू कुमार भाग गया। कार्रवाई के दौरान पांच मोबाइल फोन, पांच कीपैड मोबाइल, पांच सिम कार्ड, पेन ड्राइव, दो कंप्यूटर और फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए।
एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि पुलिस ने सूचना के आधार पर सेक्टर-2 स्थित बी-61 भवन की तीसरी मंजिल पर संचालित कॉल सेंटर में छापा मारा । पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह नौकरी तलाशने वाले लोगों का डेटा विभिन्न रोजगार वेबसाइटों से हासिल करते थे। इसके बाद उन्हें इंडिगो एयरलाइंस में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर फोन किया जाता था। झांसे में आने वाले अभ्यर्थियों को फर्जी जॉब ऑफर लेटर और अन्य दस्तावेज भेजे जाते थे। फिर रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोसेसिंग चार्ज और अन्य शुल्क के नाम पर रकम वसूल ली जाती थी। ठगी के बाद मोबाइल नंबर और सिम बदल दिए जाते थे ताकि पीड़ित दोबारा संपर्क नहीं कर सकें। पुलिस ने बताया कि मौके से बरामद पेन ड्राइव और कंप्यूटर में इंडिगो से जुड़े फर्जी दस्तावेज, फॉर्म, इनवॉयस तथा अन्य डिजिटल सामग्री मिली है। जब्त उपकरणों की जांच कराई जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि गिरोह ने कितने लोगों को निशाना बनाया और ठगी की रकम कितनी है। मोबाइल और पेन ड्राइव की डिजिटल फॉरेंसिक जांच से होगा खुलासा पुलिस ने कार्रवाई के दौरान पांच मोबाइल फोन समेत अन्य उपकरण बरामद किए हैं। जांच में पेन ड्राइव और कंप्यूटर से इंडिगो एयरलाइंस के नाम पर तैयार किए गए फर्जी दस्तावेज, फॉर्म, इनवॉयस और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड भी मिले। पुलिस ने सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को कब्जे में लेकर सील कर दिया है। अब इनकी डिजिटल फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी ताकि गिरोह के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके। जांच जारी, बढ़ सकती हैं गिरफ्तारियांपुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। जब्त मोबाइल, लैपटॉप और बैंक खातों का डाटा खंगाला जा रहा है। साइबर शिकायत पोर्टल पर दर्ज मामलों का मिलान भी कराया जा रहा है ताकि अन्य पीड़ितों की पहचान हो सके। पुलिस को उम्मीद है कि जांच में कई और साइबर ठगी के मामलों का खुलासा होगा

