Report By : ICN Network
मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने इस साल गणेशोत्सव को और अधिक पर्यावरण-अनुकूल और सुविधाजनक बनाने के लिए एक अनोखी पहल की है। पहली बार ‘चलती कृत्रिम झील’ यानी मोबाइल तालाब की सुविधा दी जाएगी, जिससे भक्त अपनी सोसायटी के गेट पर ही गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन कर सकेंगे।
हर साल मुंबई में करीब 12,000 सार्वजनिक गणेश मंडल और 2.25 लाख से ज्यादा घरेलू गणपति प्रतिमाएं स्थापित होती हैं। इनमें से कई प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए समुद्र और झील जैसे प्राकृतिक जल स्रोतों का उपयोग होता है, जिससे प्रदूषण और भीड़भाड़ बढ़ जाती है। इस समस्या को हल करने के लिए बीएमसी ने मोबाइल तालाब की नई व्यवस्था शुरू की है।
इस व्यवस्था के तहत भक्त अंतिम पूजा और आरती के बाद प्रतिमा बीएमसी कर्मियों को सौंप देंगे, जिसके बाद निगम कर्मचारी उन्हें वैज्ञानिक और पर्यावरण-अनुकूल तरीके से विसर्जित करेंगे।
बीएमसी ने इस बार मुंबई में 288 कृत्रिम तालाब भी तैयार किए हैं। श्रद्धालु ‘माय बीएमसी’ ऐप के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर इनमें प्रतिमाओं का विसर्जन कर सकते हैं। नगर निगम को अब तक 2,625 आवेदन प्राप्त हुए हैं और अनुमोदन की प्रक्रिया जारी है।
गणेशोत्सव के दौरान सुरक्षा को देखते हुए मुंबई पुलिस ने व्यापक तैयारियां की हैं। शहर में 15,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे और 11,000 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि त्योहार शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में मनाने के लिए चौबीसों घंटे सुरक्षा व्यवस्था सक्रिय रहेगी।