22 मार्च 2025 को तेज बुखार और असहनीय पेट दर्द के चलते पीड़िता यथार्थ सिटी अस्पताल डेल्टा-एक ग्रेटर नोएडा पहुंची। वहां कुछ दवाइयां दी गईं, लेकिन वास्तविक कारण का पता फिर भी नहीं चल सका। इसके बाद सात अप्रैल को वह जिम्स अस्पताल पहुंची। जहां एमआरआई समेत कई जांच कराई गईं, लेकिन सभी रिपोर्ट सामान्य बताई गईं। 8 अप्रैल 2025 को दर्द से तड़पती पीड़िता नवीन अस्पताल ग्रेटर नोएडा पहुंची। यहां अल्ट्रासाउंड कराने और एमआरआई व कैंसर जांच की सलाह दी गई। 14 अप्रैल 2025 को पीड़िता कैलाश अस्पताल ग्रेटर नोएडा पहुंची। जहां डॉक्टरों ने पेट में गांठ के आधार पर ऑपरेशन की सलाह दी। 22 अप्रैल 2025 को डॉ संचिता विश्वास द्वारा ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों की टीम उस समय स्तब्ध रह गई। जब महिला के पेट से लगभग आधा मीटर कपड़ा निकला। यह वही कपड़ा बताया जा रहा है, जो 14 नवंबर 2023 को डिलीवरी ऑपरेशन के दौरान पेट में छूट गया था। पीड़िता के पास कपड़ा निकलने की फोटो और वीडियो भी साक्ष्य के रूप में मौजूद हैं। पीड़िता का आरोप है कि ऑपरेशन टीम में डॉक्टर अंजना अग्रवाल के पति डॉक्टर मनीष गोयल भी शामिल थे। जैसे ही कपड़ा निकला, डॉक्टर मनीष गोयल अपनी पत्नी को बचाने के लिए सक्रिय हो गए और मामले को दबाने के प्रयास शुरू कर दिए।
अगले दिन पीड़िता के पति ने मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) गौतम बुद्ध नगर डॉ. नरेंद्र कुमार को लिखित शिकायत दी।

