2024 की मौजूदा सूची के अनुसार जिले में कुल 12,31,820 मतदाता दर्ज हैं। इनमें से अब तक 5,40,068 मतदाताओं (43.84%) के रिकॉर्ड का ऑनलाइन मिलान पूरा हो चुका है। शेष डेटा का मिलान दिसंबर के अंत तक करने का लक्ष्य रखा गया है। जिले के 1,181 बीएलओ इस कार्य में लगे हैं, जिनकी निगरानी के लिए 90 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। हर बीएलओ बीएलओ ऐप के माध्यम से वर्ष 2002 की सूची को अपडेटेड सूची से क्रॉस-चेक कर रहा है। पूरे कार्य की मॉनिटरिंग एसडीएम (ERO) और जिला निर्वाचन अधिकारी उत्तम सिंह कर रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार जिन मतदाताओं के नाम दोनों सूचियों में मौजूद हैं, उन्हें पहले चिह्नित किया जा रहा है, जिसके बाद उनकी परिवार आधारित मैपिंग यानी वंशावली तैयार की जाएगी ताकि एक परिवार के वोट एक ही बूथ पर दर्ज हों। वंशावली तैयार करने के दौरान परिवार में दादा से धेवते तक सभी सदस्यों को जोड़ा जाएगा—दादा-दादी, माता-पिता और भाई-बहन शामिल होंगे। हालांकि, बहुओं को परिवार की वंशावली में नहीं जोड़ा जाएगा; उनका रिकॉर्ड उनके मायके (भाई) के साथ ही मैप किया जाएगा। निर्वाचन कानूनगो अमित के अनुसार, वर्ष 2025 में बने नए वोटों को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है ताकि अपडेटेड परिवार रिकॉर्ड तैयार हो सके। तैयारियों के दौरान विधानसभा क्षेत्रों में रिकॉर्ड मिलान की स्थिति भी सामने आई है—इंद्री सबसे आगे है जबकि करनाल में प्रतिशत सबसे कम है: नीलोखेड़ी – 57.02%
इंद्री – 58.03%
करनाल – 19.16%
घरौंडा – 47.15%
असंध – 43.02%
कुल मिलान – 43.84% अधिकारियों का कहना है कि SIR प्रक्रिया मार्च से शुरू होने की संभावना है। भौतिक सत्यापन के दौरान यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि कौन मतदाता इस इलाके से स्थानांतरित हो चुका है या किनकी मृत्यु हो चुकी है। लक्ष्य है कि इस महीने के भीतर सभी मतदाताओं की मैपिंग पूरी कर ली जाए।

