सुप्रीम कोर्ट ने आज एक मामले की सुनवाई करते हुए एक बेहद अहम फैसला सुनाया. कोर्ट ने कहा कि जब दो अविवाहित लोग अपनी मर्जी से शारीरिक संबंध बनाते हैं तो इस आधार पर उनके चरित्र पर संदेह नहीं कर सकते.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर दो बालिग अविवाहित लोग अपनी मर्जी से शारीरिक संबंध बनाते हैं, तो केवल इसी आधार पर उनके चरित्र पर सवाल नहीं उठाया जा सकता. कोर्ट ने कहा कि हर प्रेम संबंध शादी में तब्दील नहीं होता. ऐसे में सिर्फ इसलिए कि शादी नहीं हुई, यह नहीं माना जा सकता कि एक व्यक्ति ने दूसरे को धोखा ही दिया. अभी कोई ऐसा क़ानून नहीं है जो शादी से पूर्व संबंधों को प्रतिबंधित करता है.

