भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारका एक्सप्रेसवे पर लोहे की रेलिंग लगा रहा है। इससे एक्सप्रेसवे पर लोग मनमानी तरीके से आवाजाही नहीं कर सकेंगे। वहीं, बेसहारा पशु भी एक्सप्रेसवे पर नहीं पहुंच सकेंगे। द्वारका एक्सप्रेसवे की दोनों ओर कई बिल्डरों के प्रोजेक्ट आ रहे हैं। कई जगहों पर अवैध तरीके से लोगों ने अवैध प्रवेश बना लिया है। एनएचएआई ने ऐसे बिल्डरों के रास्तों को बंद भी कराया था। इसके बाद भी चोरी-छिपे लोगों ने मिट्टी डालकर एक्सप्रेसवे से आने-जाने का रास्ता बना लिया है। दूसरा एक्सप्रेसवे से सीधे आने-जाने से हादसा होने की संभावना बनी रहती है। अवैध कट से एक्सप्रेसवे को पार करने की घटनाओं को रोकने के लिए एनएचएआई पूरे कॉरिडोर पर रेलिंग लगा रहा है। एनएचएआई का कहना है कि सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है। हालांकि रेलिंग की ऊंचाई ज्यादा होने से एक्सप्रेसवे का लुक खराब हो रहा है। वहीं, एक्सप्रेसवे के आसपास बसे क्षेत्रों के लोगों में नाराजगी है। रेलिंग लगने से हाउसिंग सोसाइटी की कनेक्टिविटी पर असर पड़ेगा। एनएचएआई के अनुसार दुर्घटनाओं को रोकने और अवैध प्रवेश को बंद करने के लिए 18 किमी लंबे कॉरिडोर पर रेलिंग लगाई जा रही हैं। एनएचएआई के परियोजना निदेशक आकाश ने बताया कि सड़क सुरक्षा को देखते हुए रेलिंग लगाई जा रही है। उन्होंने कहा कई जगहों पर यह कार्य पूरा हो गया है। खेड़कीदौला निवासी महाराम यादव ने कहा कि द्वारका एक्सप्रेसवे पर रेलिंग लगने के साथ सर्विस रोड का काम जल्द पूरा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि रेलिंग काफी ऊंचा है। महाराम ने कहा कि बस क्यू शेल्टर के पास छोटे साइज के ग्रिल लगे हैं और देखने में सुंदर लगते हैं। एनएचएआई को इसी साइज के ग्रिल लगवाने चाहिए थे।
जीएमडीए बनवा रहा सर्विस रोड
द्वारका एक्सप्रेसवे के साथ लगती सर्विस लेन का काम करीब 40 फीसदी पूरा हो गया है। सर्विस रोड बनने से द्वारका एक्सप्रेसवे के दोनों ओर के कई सेक्टरों के लोगों के साथ बिल्डरों को भी लाभ मिलेगा। दिल्ली से खेड़कीदौला एनएच-48 तक द्वारका एक्सप्रेसवे को एलिवेटेड साथ स्थानीय वाहनों के सड़क का प्रावधान किया गया है। हालांकि, द्वारका एक्सप्रेसवे के साथ सर्विस रोड का प्रावधान नहीं है, जिससे आसपास के लोग प्रयोग कर सकते हैं। प्रदेश सरकार 15-15 किमी दोनों ओर सर्विस रोड का निर्माण करा रही है। द्वारका एक्सप्रेसवे के साथ-साथ सेक्टर-81 से 115 तक यह सर्विस लेन बनानी है। सात मीटर की यह लेन दोनों ओर बनेगी। इस पर करीब 99 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जीएमडीए ने सर्विस लेन बनाने का काम पिछले साल शुरू किया था। सर्विस रोड से सेक्टर-102, 103, 104, 105, 106, 109, 110, 111, 112 और 113 समेत अन्य सेक्टरों के लोगों को लाभ मिलेगा। इस दौरान मिसिंग लिंक को भी पूरा कराया जाएगा।
गुरुग्राम: द्वारका एक्सप्रेसवे पर रेलिंग लगने से अवैध कट होंगे बंद

