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दिल्ली:अमित शाह के आदेश का हुआ असर

यमुना नदी को साफ़ करने के लिए केंद्र सरकार दिल्ली और हरियाणा के अधिकारी मिलकर काम करेंगे। जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। दिल्ली के मुख्य सचिव धर्मेंद्र ने भी भाग लिया। नजफगढ़ नाले की सफाई और मुनक नहर के रखरखाव जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। दिल्ली सरकार ने हरियाणा से अतिरिक्त पानी की मांग की है।

यमुना की सफाई के काम में तेजी लाने के लिए केंद्रीय जल आयोग, दिल्ली व हरियाणा के अधिकारियों की संयुक्त समिति गठित की जाएगी। जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। पिछले माह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यमुना की सफाई के लिए दिल्ली व पड़ोसी राज्यों को मिलकर काम करने को कहा था।

इस बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री को भी भाग लेना था। जनसुनवाई के दौरान उनके ऊपर हुए हमले के कारण वह इस बैठक में शामिल नहीं हो सकी। दिल्ली के मुख्य सचिव धर्मेंद्र इसमें शामिल हुए

बैठक में यमुना की सफाई की प्रगति की जानकारी दी गई। नजफगढ़ नाले की सफाई सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई। दिल्ली सरकार ने मुनक नहर के रखरखाव की जिम्मेदारी हरियाणा से अपने पास लेने का प्रस्ताव भी दिया।

दिल्ली सरकार मुनक नहर पर इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन से हैदरपुर जल शोधन संयंत्र तक एलिवेटेड रोड बनाने की घोषणा की है। द्वारका में बन रहे 50 मिलियन गैलन प्रतिदिन क्षमता वाले जल शोधन संयंत्र के लिए अतिरिक्त पानी की भी मांग की गई है। इसके साथ ही हरियाणा स्थित औद्योगिक इकाइयों से नदी में गिरने वाले अपशिष्ट पानी की समस्या हल करने सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )